सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। मछरेहटा इलाके के सूरजपुर गांव में गुरुवार सुबह एक माँ जब नहाकर लौटी तो उसने देखा कि चारपाई पर सो रहा उसका तीन महीने का बेटा गायब है। माँ की एक चीख के बाद जब परिवार वालों ने बच्चे की तलाश शुरू की, तो घर की छत पर रखे पानी के ड्रम में जो मिला, उसे देखकर सभी की रूह कांप गई।
गांव के रहने वाले अनुज यादव का तीन महीने का बेटा शिवांश गुरुवार सुबह घर के अंदर चारपाई पर सो रहा था। बच्चे की मां सरिता उसे सुलाकर नहाने चली गईं। जब वह कुछ देर बाद लौटीं तो चारपाई खाली थी और बच्चा गायब था। यह देखते ही उनकी चीख निकल गई और घर में कोहराम मच गया। शोर सुनकर दौड़े आए परिवार वालों और ग्रामीणों ने घर का कोना-कोना छान मारा, लेकिन बच्चे का कुछ पता नहीं चला।
तलाश करते हुए जब लोग घर के पिछले हिस्से में बन रही छत पर पहुंचे तो वहां रखे पानी से भरे एक ड्रम पर उनकी नजर पड़ी। अंदर झांकते ही सबके पैरों तले जमीन खिसक गई। मासूम शिवांश पानी के ड्रम में उतराता हुआ मिला। परिवार वाले उसे फौरन बाहर निकालकर पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
परिवार वालों ने किसी से दुश्मनी की बात से इनकार किया है। उनका शक घर में घुसने वाले बंदरों पर है। अनुज यादव ने बताया कि उन्होंने किसी बंदर को बच्चे को उठाते हुए तो नहीं देखा, लेकिन घर में रखा अनाज बिखरा पड़ा था, जिससे लग रहा है कि कोई बंदर घर में घुसा था। उन्हें शक है कि बंदर ही बच्चे को चारपाई से उठाकर ले गया और किसी तरह वह पानी के ड्रम में गिर गया।
ग्रामीणों का भी कहना है कि इलाके में बंदरों का आतंक बहुत बढ़ गया है, लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग अपने बच्चों को अकेला छोड़ने से भी डर रहे हैं। मासूम शिवांश परिवार की पहली संतान था, जिसके जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
