•अराजक तत्वों पर कठोर कार्रवाई के आदेश, सोशल मीडिया पर बढ़ेगी निगरानी।
•हर शहर में बनेगा विशेष ट्रैफिक प्लान, वरिष्ठ अधिकारी मौके पर रहेंगे मौजूद
•उपद्रवियों को चिन्हित कर पाबंद करें, पुलिस-प्रशासन रहे अलर्ट: सीएम योगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, मिशन शक्ति अभियान 5.0, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों, बाढ़ की स्थिति, विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047 जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा बैठक में शासन-प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक आदि वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता रही। मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से त्योहारों के दृष्टिगत उनकी विभागीय तैयारियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि शांति, सुरक्षा और सुशासन के दृष्टिगत यह समय संवेदनशील है। पिछले अनुभवों से सीख लें। पर्व-त्योहारों के समय में पुलिस और प्रशासन सहित पूरी टीम यूपी को 24X7 अलर्ट रहना होगा। सभी पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं।
पिछले एक माह की गतिविधियों की समीक्षा करें और चिन्हित उपद्रवियों/अराजक तत्वों को पाबंद करें और अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता से निपटें। अराजक तत्वों/उपद्रवियों को उनकी भाषा में ही जवाब दिया जाए। प्रदेश में किसी भी प्रकार का उपद्रव स्वीकार नहीं किया जा सकता ,साथ ही
अधिकारीगण सोशल मीडिया पर चौकसी बढाएं। फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वाली अफवाह/फेक न्यूज प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया व डिजिटल मीडिया के माध्यम से घटनाओं के सही तथ्य समय पर लोगों के सामने लाए जाएं। शरारती तत्व दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने की कुत्सित कोशिश कर सकते हैं, ऐसे मामलों पर नजर रखें।
हर नगर की जरूरत के अनुसार ट्रैफिक प्लान तैयार करें। छोटी सी घटना लापरवाही के कारण बड़े विवाद का रूप ले सकती है। ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक है। त्वरित कार्यवाही और संवाद-सम्पर्क अप्रिय घटनाओं को सम्भालने में सहायक होती है। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर बिना विलम्ब किए जिलाधिकारी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक जैसे वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे। संवेदनशील प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी लीड करें ।
