•साइबर अपराधियों ने सीएम एवं बोर्ड अफसरों की फोटो भी लगाई, साइबर थाने में केस।
प्रयागराज। साइबर ठगों ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट की नकल कर तीन फर्जी वेबसाइट बना लीं। वेबसाइटों पर न केवल परिषद का नाम-लोगो इस्तेमाल किया गया बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की तस्वीरें लगाकर इन्हें असली बताने की कोशिश की गई।
यूपी बोर्ड के अपर सचिव प्रशासन सत्येंद्र कुमार सिंह ने इस मामले में साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। अधिकारियों का कहना है कि परिषद की एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट www.upmsp.edu.in है, बाकी सभी साइटें फर्जी हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से अपर सचिव प्रशासन सत्येंद्र कुमार सिंह ने साइबर थाने को पत्र भेजकर शिकायत की। उन्होंने बताया कि अज्ञात तत्वों ने www.upmsp.edu.in से मिलती-जुलती कई फर्जी वेबसाइटें तैयार कर ली थीं। इनमें www.upmsp-edu.in, www.upmsponline.in और www.upmsp.in.net प्रमुख हैं। इन साइटों पर छात्रों और अभिभावकों को आकर्षित करने के लिए असली वेबसाइट जैसा डिजाइन, विभागीय लोगो और शीर्ष अधिकारियों की तस्वीरें तक चस्पा कर दी गईं। अधिकारियों का कहना है कि इन फर्जी साइटों का मकसद लोगों से अनुचित शुल्क वसूलना और ठगी करना था।
ज्ञात हो कि 9 सितंबर को परिषद की ओर से एक विज्ञप्ति जारी कर आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी गई थी। लेकिन जब यह मामला और गंभीर होता गया तो प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठी। अपर सचिव ने अपने पत्र में लिखा कि यह फर्जीवाड़ा न सिर्फ शिक्षा जगत की साख पर चोट है बल्कि आमजन को गुमराह करने की साजिश भी है। इसलिए ऐसे डोमेन तुरंत बंद कराते हुए संचालकों के खिलाफ कठोर कदम उठाना जरूरी है।
इस पूरे मामले की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा, एडीजी एसटीएफ, एडीजी साइबर क्राइम, प्रयागराज पुलिस आयुक्त, डीएम प्रयागराज और माध्यमिक शिक्षा निदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है।
तीनों वेबसाइटें ब्लॉक कराई गईं
साइबर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही तीनों फर्जी वेबसाइटें ब्लॉक भी कर दी गई हैं। पुलिस ने कहा कि संबंधित डोमेन ऑपरेटर और सर्वर कंपनियों से जानकारी जुटाकर दोषियों की पहचान की जाएगी।
