नई दिल्ली। क्या आपको भी कॉल पर बात करते हुए कभी यह आभास होता है कि कोई आपकी बातें रिकॉर्ड तो नहीं कर रहा? यह सवाल अब पहले से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। चाहे वह आपकी निजी बातचीत हो या दफ्तर की कोई सीक्रेट मीटिंग – कॉल रिकॉर्डिंग अब प्राइवेसी का बड़ा मुद्दा बन चुकी है।
लेकिन क्या हम सच में यह पता लगा सकते हैं कि हमारी कॉल रिकॉर्ड हो रही है या नहीं? आइए जानते हैं कुछ आसान तरीके, जिनसे आप यह अंदाज़ा लगा सकते हैं —
‘बीप’ या ‘इको’ की आवाज़ पर दें ध्यान
अगर आपको कॉल के दौरान हल्की-सी बीप, क्लिक या अपनी ही आवाज़ गूंजने जैसी ध्वनि सुनाई दे रही है, तो यह एक संकेत हो सकता है कि कॉल रिकॉर्ड की जा रही है। कई रिकॉर्डिंग ऐप्स या डिवाइस ऑडियो ट्रांसमिट करते समय माइक्रो-नॉइज़ (हल्की ध्वनि) पैदा करते हैं।
ऐप्स की परमिशन करें चेक
आजकल ज़्यादातर फोनों में इन-बिल्ट कॉल रिकॉर्डिंग फीचर होता है, लेकिन कुछ लोग थर्ड-पार्टी ऐप्स का भी इस्तेमाल करते हैं।
अपने फोन की Settings → Apps → Permissions → Microphone सेक्शन में जाकर देखें कि किन ऐप्स को माइक्रोफोन की अनुमति मिली है।
अगर कोई ऐसा ऐप दिखे, जिसे आप पहचान नहीं पा रहे हैं, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दें।
नोटिफिकेशन पैनल पर रखें नज़र
कई एंड्रॉयड फोन्स (जैसे सैमसंग, शाओमी, रियलमी, वनप्लस आदि) में जब कॉल रिकॉर्ड होती है, तो स्क्रीन पर “Call Recording On” या “Recording in Progress” जैसा नोटिफिकेशन दिखता है।
हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ मॉडिफाइड या क्रैक्ड ऐप्स से इसे छिपाया भी जा सकता है, इसलिए इस संकेत पर पूरी तरह भरोसा नहीं करना चाहिए।
आईफोन यूज़र्स ध्यान दें
पहले आईफोन में थर्ड पार्टी कॉल रिकॉर्डिंग ऐप्स बहुत सीमित थे, लेकिन अब नए वर्ज़न में रिकॉर्डिंग की सुविधा आई है। कॉल शुरू होते समय मिलने वाली वॉर्निंग या नोटिफिकेशन को नज़रअंदाज़ न करें।
नेटवर्क में बार-बार गड़बड़ी
कुछ टेक विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर कॉल के दौरान बार-बार नेटवर्क फ्लक्चुएशन या आवाज़ में अचानक से डिले महसूस हो, तो यह भी रिकॉर्डिंग सिस्टम का साइड इफेक्ट हो सकता है। हालांकि यह हर बार सही नहीं होता, लेकिन अगर यह पैटर्न बार-बार हो रहा है, तो सावधान रहना बेहतर है।
एन्क्रिप्टेड कॉल्स में भी खतरा
भले ही WhatsApp जैसी ऐप्स की कॉल्स एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होती हैं (यानी बीच में कोई रिकॉर्ड नहीं कर सकता), लेकिन यदि सामने वाला व्यक्ति स्क्रीन रिकॉर्डिंग ऑन कर ले, तो आपकी कॉल रिकॉर्ड हो सकती है।
इसलिए कॉल के दौरान स्क्रीन पर दिख रहे रिकॉर्डिंग आइकन या किसी भी असामान्य नोटिफिकेशन पर नज़र रखें।
प्राइवेसी डैशबोर्ड का करें इस्तेमाल
Android 12 और उसके बाद के वर्ज़न में “Privacy Dashboard” नाम का फीचर मौजूद है। यहां आप देख सकते हैं कि पिछले 24 घंटों में किस ऐप ने माइक्रोफोन या कैमरा का उपयोग किया। अगर कोई ऐप बिना वजह माइक्रोफोन ऑन कर रहा है, तो उसे तुरंत हटा दें।
ध्यान रखें: कोई भी तरीका 100% पक्का नहीं होता, लेकिन ऊपर बताए गए उपाय आपकी डिजिटल सेफ्टी बढ़ाने में मदद कर सकते हैं और आपको पहले से अधिक सतर्क बना सकते हैं।
