•सीएम ने कहा- चाहे मेरा गला काटो या जेल भेजो लेकिन किसी का नाम नहीं होगा बाद।
सिलीगुड़ी/कोलकाता। एसआईआर के नाम पर राज्य में सुपर इमरजेंसी लगाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन, ‘चाहे मेरा गला काटो या जेल भेजवा दो, मै बंगाल में किसी का नाम बाद नहीं होने दुंगी। उक्त बात सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल के दौरे के दौरान प्रशासनिक बैठक के समय कही। मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को वोटबंदी बताया। उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार पर मताधिकार रोकने व जीएसटी के नाम पर लूट का आरोप लगाया।
ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा एसआईआर के खिलाफ बोलने पर उन्हें जेल भेज सकती है या उनका गला भी काट सकती है। सीएम ममता ने कहा कि, मुझे लगता है कि एसआईआर पर रोक लगा दी जानी चाहिए। करोड़ों लोगों को अभी भी यह फॉर्म नहीं मिला है। को ‘वोटबंदी’ करार दिया और आयोग से यह प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की।
बनर्जी ने यह भी कहा कि वह चुनाव से ठीक पहले एसआईआर कराने की ‘जल्दबाजी’ को समझ नहीं पा रही हैं। उन्होंने सिलीगुड़ी में संवाददाताओं से कहा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एसआईआर के नाम पर लोगों को परेशान कर रही है। जैसे कुछ मुद्राओं को चलन से बाहर करना ‘नोटबंदीÓ थी, वैसे ही एसआईआर ‘वोटबंदीÓ है।
मुख्यमंत्री ममता ने कहा कि चुनाव की घोषणा फरवरी में होने की संभावना है। उससे पहले, इतने कम समय में घर-घर जाकर फॉर्म भरना व्यावहारिक रूप से असंभव है। कथित तौर पर, राज्य इन तीन महीनों तक कोई काम न कर सके, इसके लिए एक अति-आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी गई है और अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है। शिक्षकों को स्कूल चलाने हैं, और बीएलओ को भी अपनी जिम्मेदारियां संभालनी हैं। वे दो घंटे में कितने घरों में जा सकते हैं?
केंद्र पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, न्याय का शब्द चुपचाप रोता है। लोगों का दिल रो रहा है, और भाजपा हंस रही है। लेकिन अगर असली मतदाताओं के नाम छूट गए, तो मैं कुछ नहीं बोलूंगा। जितना ज़्यादा आप चोट पहुंचाएंगे, उतनी ही ज़्यादा प्रतिक्रिया होगी। मुख्यमंत्री ने इस दिन रोहिंग्याओं का मुद्दा भी उठाया। भाजपा पहले ही शिकायत कर चुकी है कि एसआईआर की घोषणा के बाद, न्यूटाउन की कुछ झुग्गियों को खाली कराया जा रहा है, जहाँ कथित तौर पर रोहिंग्या रहते थे।
उन्होंने पूछा, रोहिंग्या कहाँ से आए? सीमा की ज़िम्मेदारी किसकी है? भाजपा को दो मुँहा सांप बताते हुए उन्होंने कहा, एक बार वह 2002 की सूची कहती है, और फिर कहती है कि नवंबर 2024 तक आने वालों को बाहर नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती इलाकों में बीएसएफ और भाजपा की भूमिका पर चिंता जताई और आरोप लगाया, बीएसएफ और भाजपा मिलकर डेरा डाले हुए हैं और 2024 तक आने वालों के नाम उछाल रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अब देखते हैं कि पद्म शिविर मुख्यमंत्री के इस बयान पर क्या कहता है।
