बस्ती। अमहट शिव मंदिर परिसर तथा कुआनो नदी तट पर पिछले 40 वर्षों से स्वच्छता और सेवा में समर्पित रहे हरिराम पंडित, रिटायर्ड उपयुक्त उद्योग परमात्मा प्रसाद मिश्रा, कन्हैया प्रसाद त्रिपाठी, दीनानाथ उपाध्याय (शिक्षक, किसान इंटर कॉलेज) एवं जितेंद्र प्रसाद यादव को भारत विकास परिषद की ओर से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान “थैली छोड़ो–थैला पकड़ो” तथा “पर्यावरण प्रकल्प” के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया, जिसका उद्देश्य स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. डी.के. गुप्ता, अध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, कार्यक्रम संयोजक मनमोहन श्रीवास्तव, काजू श्रीवास्तव, डॉ. एस.के. त्रिपाठी, विनय श्रीवास्तव, विक्की सहित भारत विकास परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. डी.के. गुप्ता ने कहा कि चार दशकों से निरंतर स्वच्छता एवं सेवा में जुटे रहना असाधारण समर्पण का परिचायक है। परिषद ऐसे कर्मयोगियों को सम्मानित कर गौरवान्वित महसूस करती है।
अध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि स्वच्छता जीवन का संस्कार है और समाज की निस्वार्थ सेवा करने वाले ये सभी व्यक्तित्व हम सबके लिए आदर्श हैं।
कार्यक्रम संयोजक मनमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि ‘थैली छोड़ो–थैला पकड़ो’ और ‘पर्यावरण प्रकल्प’ का उद्देश्य समाज में पर्यावरण चेतना को मजबूत करना है।
विनय श्रीवास्तव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी संभव है जब सफाई को जिम्मेदारी नहीं, बल्कि कर्तव्य समझा जाए।
डॉ. एस.के. त्रिपाठी ने कहा कि अमहट घाट व शिव मंदिर की स्वच्छता धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति के प्रति हमारे नैतिक दायित्व का भी सम्मान है।
कार्यक्रम में अमर शिव मंदिर के पुजारी राजेश उपाध्याय उर्फ गोपाल जी, विक्की, मंजेश राजभर, डॉ. सच्चिदानंद समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
