•फूड एजेंसीज अपने मिशन में फेल, मिलावट माफिया बेलगाम।
सुल्तानपुर। बल्दीराय तहसील क्षेत्र के बाजारों में, खाद्य पदार्थों में मिलावट का कारोबार तेज़ी से फैल रहा है। कथित खाद्य माफियाओं की जड़ें इतनी मजबूत हो चुकी हैं कि फूड एजेंसीज का सिस्टम पूरी तरह बेअसर साबित हो रहा है। भुना चना, पीली नमकीन, हल्दी पाउडर, रंग-बिरंगी मिठाइयां, खाद्य तेल व अन्य दैनिक उपयोगी खाद्य पदार्थों में जहरीले रसायनों की मिलावट खुलेआम की जा रही है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसे जहरनुमा तत्व शरीर में पहुंचकर कैंसर सहित अनेक गंभीर रोगों को आमंत्रित कर रहे हैं।
कौन-कौन से घटक, क्यों हैं घातक:-
भुने चने का पीलापन: प्राकृतिक रंग के बजाय टार्ट्राजीन (Tartrazine–येलो डाई E102) का मिश्रण किया जाता है। यह रंग डायबिटीज़, किडनी व लिवर फेल्योर के साथ त्वचा एलर्जी व अस्थमा का कारण बन सकता है।
नमकीन व बेसन उत्पाद: इनकी चमक व रंग बढ़ाने के लिए मेटानिल यलो (Metanil Yellow) का उपयोग होता है, जो लिवर कैंसर व न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के जोखिम को बढ़ाता है।
पीसी हल्दी: हल्दी के पीलेपन को तेज़ करने के लिए लेड क्रोमेट (Lead Chromate) मिलाया जाता है, जो अत्यधिक खतरनाक धातु है। इसके सेवन से ब्लड पॉइज़निंग, किडनी डैमेज, बोन कैंसर व नर्व सिस्टम डैमेज जैसी स्थितियां उत्पन्न होती हैं।
मिठाइयों में रंग: कई दुकानों में सुडान रेड (Sudan Red) व रूबिन B जैसे इंडस्ट्रियल रंग उपयोग किए जाते हैं, जो कार्सिनोजेनिक (कैंसर कारक) हैं।
खाद्य तेल: मिलावट के लिए अफ्लाटॉक्सिन युक्त तेल व इम्प्योर मिनरल ऑयल मिलाए जाते हैं, जो लिवर कैंसर व इम्यून सिस्टम फ़ेलियर का कारण बनते हैं।
जांच औपचारिकता मात्र, भ्रष्टाचार बनी चुनौती:- स्थानीय लोगों का कहना है कि खाद्य विभाग की जांच टीमें केवल फॉर्मेलिटी निभाती हैं, परिणामस्वरूप मिलावटखोर बेखौफ़ हैं। यदि निष्पक्ष रैंडम सैंपलिंग की जाए तो बड़े पैमाने पर मिलावट का खुलासा संभव है। वहीं विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार सरकार के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। उपभोक्ता सुरक्षा के नाम पर चल रहे अभियानों की बेरुखी ने लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया है। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा अब बड़े स्तर पर कार्रवाई मांगती है।
धनपतगंज CHC प्रभारी डॉ०अरुणेश सिंह ने बताया कि मिलावटी तेल और उससे निर्मित खाद्य ,फास्टफूडस और बाजारू चना ,आदि घातक रसायनों के प्रयोग से अनेक घातक बीमारियां बढ़ रही है । अतएव ऐसे खाद्यों से आम लोगों को बचना चाहिए।
