लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में एसआईआर गणना के दौरान अधिकारियों के दबाव से परेशान होकर जान गंवाने वाले बीएलओ विजय वर्मा के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और सरकार से मृतक परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद तथा एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष जय सिंह जयंत भी उपस्थित रहे।
मुलाकात के दौरान विजय वर्मा की पत्नी संगीता फूट-फूट कर रो पड़ीं। उनके साथ 20 वर्षीय बेटा हर्षित भी मौजूद था। विजय वर्मा प्रा.वि. सरांवा, मलिहाबाद लखनऊ में शिक्षामित्र थे और बीएलओ के रूप में बूथ संख्या 181 टिकरी खुर्द पर ड्यूटी पर थे। 21 नवंबर 2025 को उनका निधन हुआ।
संगीता ने बताया कि उनके पति को दिन-रात लगातार काम करना पड़ता था। अधिकारी काम समय पर पूरा न होने पर एफआईआर की धमकी देते थे। 14 नवंबर की रात भी वे देर रात तक काम कर रहे थे जब करीब 12 बजे उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया। चरक अस्पताल में इलाज के दौरान 21 नवंबर को उनकी मौत हो गई।
संगीता ने बताया कि अधिकारी रोजाना 200 फॉर्म भरने का दबाव डालते थे। अब जिला प्रशासन कह रहा है कि उन्हें बीमारी के कारण रिलीव कर दिया गया था, जबकि स्कूल प्रशासन पर भी दबाव डाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब तक उन्हें किसी सरकारी सहायता या सहानुभूति का लाभ नहीं मिला।
अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एसआईआर का काम अत्यंत संवेदनशील और जिम्मेदारी भरा है, फिर इसमें इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर बीएलओ पर अनावश्यक दबाव डाल रहे हैं। जगह-जगह सहायक के रूप में नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को तैनात किया जा रहा है, जबकि कई इलाकों में अभी तक फॉर्म भी नहीं पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि संविधान में दिए गए अधिकार और आरक्षण को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों पर दबाव है कि जिनकी मौत हो जाए, उन्हें ड्यूटी में शामिल न दिखाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बिना किसी प्रशिक्षण के एसआईआर प्रक्रिया का कार्य कराया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने बताया कि वे फतेहपुर में हाल ही में आत्महत्या करने वाले एक अन्य बीएलओ के परिवार से भी मिले हैं। परिवार का कहना है कि उन पर भी लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल से भी आवाज़ उठ रही है कि चुनाव आयोग के हाथ खून से रंग गए हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे परिवारों की मदद कौन करेगा जिनकी जान चली गई है?अखिलेश यादव ने सरकार से मृतक परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।
