-भारतीय सेना में शामिल हुए 748 अग्निवीर
-अग्निवीर अर्पित राणा ओवरऑल ड्रिल में बेस्ट, अग्निवीर वंश शर्मा ओवरऑल फर्स्ट बेस्ट व अग्निवीर लोकेश कुमार ओवरऑल सेकंड बेस्ट।
अयोध्या। भारतीय सेना के सबसे पुरानी रेजिमेंट में से एक डोगरा रेजिमेंट के अग्निवीर जवानों के छठे बैच ने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली। 748 अग्निवीर जवानों के इस दल को पासिंग आउट परेड के बाद बुधवार को विधिवत भारतीय सेना में शामिल होने के लिए हरी झंडी मिल गयी। वृहस्पतिवार को इन सभी को उत्तर भारत व् उतर पूर्वी राज्यों की बिभिन्न यूनिटों में तैनाती के लिए रवानगी दे दी जाएगी। मई में शुरू हुयी अग्निवीर जवानों को 31 सप्ताह की कठोर ट्रेनिंग देकर देश सेवा के लिए तैयार किया।

अग्निवीर अर्पित ठाकुर ने परेड का नेत्रित्व किया इसके पहले अयोध्या में स्थित डोगरा रेजिमेंटल सेंटर में बुधवार को सुबह 9 बजे आयोजित एक समारोह में 748 अग्निवीरों ने फुल ड्रेस पासिंग आउट परेड में परम्परागत रूप से मुख्य अतिथि मेजर जनरल प्रिंस दुग्गल ने उत्साह वर्धन किया। पूरे कोर्स के दौरान अच्छा प्रदर्शन कर अग्निवीर बंश शर्मा ने गोल्ड मैडल हासिल किया। सैनिकों को गर्व और समर्पण के साथ देश की सेवा करने और भारतीय सेना के मूल्यों को बनाये रखने का पाठ पढाया गया।
बुधवार को जेमेदार लाला परेड ग्राउंड में अग्निवीर अर्पित ठाकुर के नेत्रित्व में ओपचारिक परेड में अग्निवीरों ने पवित्र अंतिम पथ द्वार के माध्यम से उत्साह व् जोश से मार्च किया। परेड की समीक्षा मेजर जनरल प्रिंस दुग्गल द्वारा की गयी।
इस दौरान ब्रिगेडियर जितेंदर शर्मा डोगरा रेजिमेंटल सेंटर, समेत अन्य सैन्य अधिकारी, जे०सी०ओ०, जवान व उनके परिजन मौजूद रहे। अग्निवीरो को शारीरिक फिटनेस, हथियार संचालन, सामरिक प्रशिक्षण दिया गया। इस कोर्स में पास आउट होने वाले अग्निवीरो की ओसतन आयु साड्डे उन्नीस वर्ष रही।
डोगरा रेजिमेंटल सेंटर में बुधवार को आयोजित परेड के दौरान 748 अग्निवीर सफलता पूर्वक सेना में शामिल हो गये। परेड ग्राउंड में अग्निवीर अर्पित ठाकुर के नेत्रित्व में 748 अग्निवीरों ने पवित्र अन्तिम पथ द्वार के माध्यम से मार्च किया। परेड की समीक्षा मेजर जनरल प्रिंस दुग्गल ने की।
इस दौरान डोगरा रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर जितेंदर शर्मा, समेत अन्य सैन्य अधिकारी, जे०सी०ओ०, जवान व उनके परिजन मौजूद रहे। अग्निवीरों को 31 सप्ताह तक कठोर प्रशिक्षण से गुजरना पड़ा, जिसमें शारीरिक फिटनेस, हथियार संचालन और सामरिक प्रशिक्षण शामिल था। परेड के जरिये सैनिको के कौशल और क्षमताओं का प्रदर्शन हुआ। उन्होंने एक साथ मार्च किया और हथियारों को संभालने में अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया।
पूरे कोर्स के दौरान अच्छा प्रदर्शन कर अग्निवीर बंश ठाकुर ने गोल्ड मैडल हासिल किया। युवा सैनिको ने गर्व और समर्पण के साथ देश की सेवा करने और भारतीय सेना के मूल्यों को बनाये रखने की शपत ली। ब्रिगेडियर जितेंदर शर्मा ने बताया की ये कार्यक्रम डोगरा रेजिमेंटल सेंटर के लिए गर्व का क्षण था क्यूंकि छठा अग्निवीर कोर्स डोगरा रेजिमेंट और भारतीय सेना में शामिल किया गया।
कहा की डोगरा रेजिमेंटल सेंटर का देश सेवा का गौरवशाली इतिहास रहा है। पासिंग आउट परेड भारतीय सेना के लिए सर्वोत्तम सैनिकों को प्रशिक्षित करने और तैयार करने के प्रति डोगरा सेंटर की प्रतिभ्धता का प्रमाण है।
