लखनऊ। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित विशेष प्रवर्तन अभियान की समीक्षा करते हुए सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को कड़े और स्पष्ट निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से उपखनिजों का परिवहन केवल आईएसटीपी (प्रमाणित परिवहन प्रपत्र) के साथ ही सुनिश्चित किया जाए और किसी भी दशा में ओवरलोडिंग न होने दी जाए। लोडिंग मानकों का पूर्ण अनुपालन कराना सभी टीमों की सर्वोच्च प्राथमिकता हो।
अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए गए कि अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग की रोकथाम हेतु स्थापित आईओटी आधारित पीटीजेड और एएनपीआर कैमरा युक्त चेकगेट्स 24×7 सक्रिय रहें।
सचिव ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कठोर, सतत और प्रभावी प्रवर्तन ही विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग द्वारा संचालित विशेष अभियान के तहत विगत तीन दिनों में प्रदेश भर में 5000 से अधिक उपखनिज परिवहन करने वाले वाहनों की जांच की गई।
जांच में अधिकांश वाहन आवश्यक परिवहन प्रपत्रों के साथ पाए गए, जबकि लगभग 400 वाहनों पर अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया। अभियान के दौरान सात एफआईआर दर्ज कराई गई।जिलेवार कार्रवाई के विवरण में सोनभद्र में 54, मीरजापुर में 23, जालौन में 32, बलिया में 21, गोरखपुर में 15 और अन्य जनपदों के 255 वाहनों पर नियमानुसार अर्थदंड लगाया गया।
इस अभियान के सफल संचालन के लिए विशेष सचिव/अपर निदेशक अरुण कुमार ने सभी टीमों को निर्देश दिए कि अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी प्रवर्तन लगातार और कठोरता के साथ जारी रहे और किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए।
इस तरह विभाग ने अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने के लिए निरंतर और सख्त कदम उठाए हैं, ताकि प्रदेश में खनिज संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
