नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि देश का प्रधानमंत्री आरएसएस की विचारधारा से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनादेश से चुने गए हैं। अमित शाह ने कहा कि देश के लिए मरना ही आरएसएस की विचारधारा है।
अमित शाह ने नारे का किया जिक्र
राहुल गांधी द्वारा भाषण के दौरान टिप्पणी किए जाने पर अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि वे डरकर बातें नहीं करते। अमित शाह ने बताया कि जब वे 10 साल के थे, तब उन्होंने नारे लगाए थे— “असम की गलियां सूनी हैं, इंदिरा गांधी खूनी हैं।”
उन्होंने कहा कि यह घटना उन्होंने कई बार साझा की है। 2022 में गुवाहाटी स्थित बीजेपी कार्यालय के उद्घाटन में भी उन्होंने बताया था कि विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम में असम आने पर उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया की पुलिस ने काफी मारा था।
उन्होंने कहा— “हम नारे लगाते थे— असम की गलियां सूनी हैं, इंदिरा गांधी खूनी हैं — और हमें पुलिस पीटती थी। तब हमने कल्पना भी नहीं की थी कि भाजपा यहां अपने दम पर दो बार सरकार बनाएगी।”
कांग्रेस पर तीखा हमला
लोकसभा में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के शासन में बिहार और यूपी में चुनावों के दौरान पूरे-के-पूरे बैलेट बॉक्स गायब हो जाते थे।
उन्होंने कहा कि ईवीएम आने के बाद चुनावी चोरी बंद हो गई है, इसलिए कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। “दोष ईवीएम का नहीं, चुनाव जीतने के उनके भ्रष्ट तरीकों का है। आज वे पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं।”
अमित शाह के भाषण के दौरान विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। इस पर अमित शाह ने कहा— “ये सदन छोड़कर क्यों भागे? मैं तो कांग्रेस की बात भी नहीं कर रहा था, मैं घुसपैठियों पर बात कर रहा था।”
उन्होंने आगे कहा—
“हमारी नीति है— हमारी नीति है, डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट,
जबकि कांग्रेस की नीति है— घुसपैठ को संरक्षण दो, मान्यता दो और मतदाता सूची में शामिल कर दो।”
