बस्ती। आर्य वीर दल शौर्य प्रदर्शन व चतुर्वेद शतकम महायज्ञ पूर्णाहुति के साथ आर्य समाज नई बाजार बस्ती का 52वां वार्षिकोत्सव सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना ने आर्य वीरों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आर्य वीर और वीरांगनाओं ने प्राचीनकाल से ही राष्ट्र रक्षा में अपने जीवन की आहुति दी है।



वैदिक संस्कृति का ज्ञान प्राप्त करके ही वशिष्ठ आश्रम में राम, संदीपनी आश्रम में श्रीकृष्ण और चाणक्य आश्रम में चन्द्रगुप्त आदि का निर्माण होता है जिन्होने अपने ज्ञानबल से अज्ञान, क्षात्रबल से अन्याय व धनबल से अभाव को दूर किया है।
मुख्य वक्ता आचार्य शैलेन्द्र ने कहा कि आज देश में ऐसे चरित्रवान युवाओं की आवश्यकता है जो देश धर्म के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए तैयार हो। आचार्य शिव कुमार ने कहा आर्य वीर दल से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास होता है।
इसे पूर्व विद्यालय की शिक्षिका अनीशा मिश्रा ने जिलाधिकारी महोदया का ओम पट्टिका से स्वागत किया। दिनेश आर्य प्रशिक्षक आर्य वीर दल दिल्ली प्रदेश के सानिध्य में आर्य वीर वीरांगनाओं ने सर्वांग सुन्दर व्यायाम, लाठी, तलवार, आसन स्तूप का प्रदर्शन किया।
उत्तम प्रदर्शन करने वाली पायल, तुलसी और अवंतिका को जिलाधिकारी महोदया ने पुरस्कृत किया। इस अवसर पर सबसे वरिष्ठ आर्य वीर राज रतन सेन सिंह और सबसे छोटे आर्य वीर प्रथम को सम्मानित किया गया।
अंत में ओम प्रकाश आर्य ने कार्यक्रम में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सहयोगी लोगों के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया।
