लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों को सशक्त एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दिनांक 21 दिसंबर 2025 को थाना मदेयगंज की पिंक बूथ–61 टीम द्वारा पतोरा गंज, त्रिवेणी नगर क्षेत्र में विशेष भ्रमण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान महिलाओं, छात्राओं और बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।कार्यक्रम के दौरान महिला उप निरीक्षक सविता सिंह और महिला हेड कांस्टेबल ज्योति ने उपस्थित महिलाओं और बच्चों को उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘मिशन शक्ति’ के उद्देश्यों से अवगत कराया।
अधिकारियों ने बताया कि मिशन शक्ति महिलाओं को हिंसा से सुरक्षित रखने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने का अभियान है। उन्होंने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन शोषण और अन्य अपराधों की पहचान, उनसे बचाव के उपाय और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया।
पिंक बूथ टीम ने आपात स्थितियों में त्वरित सहायता के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी। महिलाओं को 1090 महिला पावर लाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्डलाइन, 112 एकीकृत आपातकालीन सेवा, 108 एम्बुलेंस, 1076 नागरिक शिकायत केंद्र और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के उपयोग के बारे में बताया गया। साथ ही यूपी कॉप ऐप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत, सहायता और सुरक्षा सुविधाओं के बारे में भी जागरूक किया गया, ताकि महिलाएं तकनीक का सही उपयोग कर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि मिशन शक्ति 5.0 के तहत पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में लखनऊ कमिश्नरेट के सभी 54 थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों पर निरीक्षक, अतिरिक्त निरीक्षक, उप निरीक्षक और महिला उप निरीक्षक की तैनाती की गई है, ताकि थानों पर आने वाली महिलाओं की समस्याओं का त्वरित और संवेदनशील निस्तारण किया जा सके। पिंक बूथ को महिलाओं के लिए एक सुरक्षित आश्रय और सहायता प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है, जहां वे बिना किसी डर के अपनी बात रख सकती हैं।
अधिकारियों ने महिलाओं और छात्राओं को शिक्षा के महत्व, स्वास्थ्य और स्वच्छता, डिजिटल सुरक्षा तथा साइबर अपराध से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है, जिससे महिलाएं और बच्चे अपराधों से स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं। कार्यक्रम में लगभग 25 से 30 महिलाओं, छात्राओं और बच्चों ने भाग लिया और पिंक बूथ टीम के साथ अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए।स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें सुरक्षा के प्रति सजग बनाते हैं।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ का मिशन शक्ति अभियान महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है, जो गली-मोहल्लों तक सुरक्षा और अधिकारों का संदेश पहुंचा रहा है।
