लखनऊ। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लगातार बढ़ते हमलों, मंदिरों को निशाना बनाए जाने, महिलाओं और बच्चों के साथ हो रही अमानवीय बर्बरता तथा भय के माहौल में कराए जा रहे जबरन पलायन के विरोध में रविवार को आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया।
इस व्यापक आंदोलन के माध्यम से पार्टी ने केंद्र की मोदी सरकार की चुप्पी और विदेश नीति को पूरी तरह विफल बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया और स्पष्ट किया कि हिंदुओं के खून पर अब खामोशी स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।
लखनऊ में स्वास्थ्य भवन, कैसरबाग के बाहर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश सरकार का पुतला फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ तीखी नारेबाजी की। प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने सख्ती और बल प्रयोग किया, जिससे धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई। इसके बाद कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
आम आदमी पार्टी ने पुलिस की इस कार्रवाई को तानाशाही और दमनकारी करार देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की हर कोशिश का डटकर विरोध किया जाएगा।राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन भारत सरकार न तो कोई कूटनीतिक दबाव बना रही है और न ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कोई ठोस पहल कर रही है।
पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार की यह चुप्पी अत्याचारियों के हौसले बढ़ा रही है, जिससे बांग्लादेश में हालात और अधिक भयावह होते जा रहे हैं।
इस अवसर पर अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं का खुलेआम कत्लेआम हो रहा है और प्रधानमंत्री आंख मूंदकर बैठे हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल विदेश नीति की विफलता नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ अपराध है। जब एक ओर हिंदू मंदिर जलाए जा रहे हैं और निर्दोष लोगों की हत्याएं हो रही हैं, तब दूसरी ओर भारत सरकार का मौन रहना नैतिक पतन का प्रतीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने अब भी कठोर और निर्णायक कदम नहीं उठाए, तो आम आदमी पार्टी इस आंदोलन को और अधिक व्यापक तथा उग्र रूप देगी।
प्रदेश प्रवक्ता प्रिंस सोनी ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे खूनखराबे, मंदिरों के विध्वंस और महिलाओं-बच्चों पर जारी बर्बरता के बावजूद प्रधानमंत्री की चुप्पी कोई भूल नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है।
उन्होंने कहा कि यह चुप्पी अडानी के हजारों करोड़ रुपये के बिजली कारोबार की कीमत पर खरीदी गई है। जिस बांग्लादेश में हिंदुओं को चुन-चुनकर मारा जा रहा है, उसी देश को भारत से अडानी के माध्यम से बिजली सप्लाई की जा रही है और मुनाफा कमाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री जानते हैं कि यदि उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई, तो उनके मित्र का कारोबार प्रभावित होगा, इसी डर से हिंदुओं का खून बहता देखना मंजूर है, लेकिन बोलना मंजूर नहीं।जिलाध्यक्ष इरम रिजवी ने कड़े शब्दों में कहा कि यह देश किसी का निजी कारोबार नहीं है और न ही हिंदुओं की जान किसी कॉरपोरेट के मुनाफे से सस्ती है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को देश की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ खुलकर बोलना होगा और सख्त से सख्त निर्णय लेना होगा, क्योंकि अब यह चुप्पी कमजोरी नहीं, बल्कि सीधे तौर पर अपराध में भागीदारी बन चुकी है।
प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश के साथ सभी व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध समाप्त करने, भारत से दी जा रही बिजली आपूर्ति पर तत्काल रोक लगाने और हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग उठाई।
राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में पार्टी ने मांग की कि हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की गारंटी मिलने तक भारत–बांग्लादेश के सभी व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध तत्काल समाप्त किए जाएं, बांग्लादेश को हजारों टन डीजल देने के व्यापार पर तुरंत रोक लगाई जाए, अडानी समूह की ओर से बांग्लादेश को दी जा रही बिजली आपूर्ति पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए तथा बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दिए जा रहे संरक्षण पर केंद्र सरकार स्पष्ट और कड़ा निर्णय ले।
प्रदर्शन में प्रीतपाल सिंह सलूजा, अंकित परिहार, प्रियंका श्रीवास्तव, अनिल जैन, वसीम सिद्दकी, ज्ञान सिंह कुशवाहा, अंगद, सुधीर पटेल, विनोद शर्मा, मुकेश शुक्ला, रावण साहनी, मास्टर अनीस खान, विमल कुमार, हर्षित दुबे, आरके श्रीवास्तव, अंशुल यादव, रघुनाथ प्रताप, चंद्रजीत यादव, कुलदीप सरोज, पारसनाथ, ऊषा त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
