•ज्योतिष सेवा केन्द्र के संस्थापक ने उठाया सामाजिक पारदर्शिता का मुद्दा।
कल्याण। ज्योतिष सेवा केन्द्र के संस्थापक एवं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित अतुल शास्त्री ने सोशल मीडिया पर जाति छिपाकर या किसी अन्य जाति का उपनाम (सरनेम) लगाकर सक्रिय रहने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। उन्होंने इसे सामाजिक ईमानदारी और पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।
पंडित अतुल शास्त्री ने कहा कि अपनी जाति छिपाना या दूसरी जाति के नाम से पहचान बनाना गलत है और इससे समाज में भ्रम व अविश्वास पैदा होता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि व्यक्ति जिस भी जाति से है, उस पर गर्व करना चाहिए, न कि पहचान छिपानी चाहिए। “हम हर जाति का यथोचित सम्मान करते हैं और करते रहेंगे, लेकिन जो लोग जाति छिपाकर या दूसरे का सरनेम लिखकर समाज को गुमराह करते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए,” उन्होंने कहा।
ज्योतिषाचार्य शास्त्री ने भरोसा जताया कि इस मुद्दे को समाज का व्यापक समर्थन मिलेगा। उन्होंने प्रशासन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से भी अपील की कि फर्जी पहचान के जरिए सक्रिय अकाउंट्स की जांच हो और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक समरसता की नींव सत्य और पारदर्शिता पर टिकी होती है। पहचान छिपाने की प्रवृत्ति न केवल गलत है, बल्कि यह समाज में विभाजन और गलतफहमियों को भी जन्म देती है।
पंडित अतुल शास्त्री के इस बयान के बाद सामाजिक और धार्मिक संगठनों में चर्चा तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर ठोस पहल की संभावना जताई जा रही है।
