लखनऊ। नगर निगम द्वारा नए ट्रेडों पर लाइसेंस शुल्क लगाए जाने को लेकर उत्पन्न भ्रम के विरोध में शनिवार को लखनऊ व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधि मंडल महापौर के आवास पर पहुंचा और ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र, महामंत्री अनुराग मिश्र और वरिष्ठ उपाध्यक्ष उत्तम कपूर शामिल रहे।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि नगर निगम की कार्यकारिणी द्वारा पहले ही यह स्पष्ट निर्णय लिया जा चुका है कि नए ट्रेडों पर कोई लाइसेंस शुल्क नहीं लगाया जाएगा, इसके बावजूद लगातार इसके विपरीत समाचार प्रकाशित होने से व्यापारी समाज में रोष और भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि 5 सितंबर 2024 को नगर निगम द्वारा 21 नए ट्रेडों पर लाइसेंस शुल्क लगाने का प्रस्ताव लाया गया था, जिसका व्यापारी संगठनों ने तीव्र विरोध किया था।
सांसद राजनाथ सिंह और पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के हस्तक्षेप के बाद 13 सितंबर 2024 को नगर निगम की कार्यकारिणी ने लाइसेंस शुल्क न लगाने का निर्णय लिया था, जो 14 सितंबर 2024 को समाचार पत्रों में प्रकाशित भी हुआ था।
व्यापार मंडल ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद 18 और 19 दिसंबर 2025 तथा 23 जनवरी 2026 को अपर नगर आयुक्त के हवाले से भ्रामक समाचार प्रकाशित कराए गए, जिससे यह आशंका गहराती जा रही है कि नगर निगम के कुछ अधिकारी पिछले दरवाजे से लाइसेंस शुल्क लागू करने का प्रयास कर रहे हैं।
पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्व में ऐसी भ्रामक खबरों के विरोध में व्यापारियों ने नगर निगम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन भी किया था, जहां महापौर द्वारा किसी भी प्रकार का नया लाइसेंस शुल्क या कर न लगाए जाने का आश्वासन दिया गया था।
अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार का लाइसेंस शुल्क या नया कर लागू करने का प्रयास किया गया तो व्यापारी समाज व्यापक आंदोलन, नगर निगम से जुड़े करों के बहिष्कार और लखनऊ बंद जैसे कदम उठाने के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
व्यापार मंडल ने मांग की कि इस विषय में तत्काल लिखित और सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया जाए तथा भ्रम फैलाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। महापौर सुषमा खर्कवाल ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि इस विषय को सदन में रखकर पारित कराया जाएगा।
