अनुशासन और खेल से बनता है सशक्त भारत” – एडीएम
“परिश्रम, नैतिकता और सकारात्मक सोच ही जीवन की असली जीत” – निदेशक, उदय राज तिवारी
“खेल के माध्यम से चरित्र निर्माण हमारी प्राथमिकता” – प्रबंधक अंकित राज तिवारी
के के मिश्रा संवाददाता।
संत कबीर नगर। उदया इंटरनेशनल स्कूल भुजैनी में आयोजित त्रिदिवसीय वार्षिक खेल दिवस समारोह का तृतीय एवं अंतिम अंक अत्यंत भव्यता,अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना के वातावरण में गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ। यह अवसर न केवल खेल प्रतिभाओं के सम्मान का साक्षी बना, बल्कि प्रशासन,प्रबंधन और शिक्षा के त्रिवेणी संगम का भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर गया।






कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद के अपर जिलाधिकारी जयप्रकाश अग्निहोत्री रहे। विद्यालय के निदेशक उदय राज तिवारी द्वारा पुष्पगुच्छ, साल एवं माल्यार्पण के साथ उनका आत्मीय अभिनंदन किया गया।
मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. आलोक कुमार सिन्हा,ज्ञानेंद्र मिश्र, सुरेश पटेल,पूर्व जिला अध्यक्ष संभू नाथ तिवारी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि जयप्रकाश अग्निहोत्री ने कहा खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं,बल्कि यह अनुशासन,नेतृत्व,टीम भावना और आत्मविश्वास का विद्यालय है। ऐसे आयोजनों से ही सशक्त,अनुशासित और राष्ट्रभक्त नागरिकों का निर्माण होता है। उदया इंटरनेशनल स्कूल जिस प्रकार शिक्षा के साथ खेलों को समान महत्व दे रहा है,वह सराहनीय है और अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में हार-जीत से ऊपर उठकर निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया।
विद्यालय के निदेशक उदय राज तिवारी ने अपने प्रेरक वक्तव्य में कहा जीवन का वास्तविक खेल मैदान विद्यालय से ही आरंभ होता है। परिश्रम, अनुशासन, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को यदि विद्यार्थी अपने चरित्र का अंग बना लें,तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। हमारा उद्देश्य केवल मेडल जीतना नहीं, बल्कि श्रेष्ठ मानव का निर्माण करना है। उन्होंने प्रबंधक अंकित राज तिवारी की नेतृत्व क्षमता,शिक्षकों की निष्ठा तथा अभिभावकों के सहयोग की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
विद्यालय के प्रबंधक अंकित राज तिवारी ने कहा हमारा प्रयास है कि उदया इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षा के साथ खेल,संस्कृति और संस्कार समान रूप से विकसित हों। खेल के माध्यम से बच्चों में नेतृत्व,सहनशीलता और अनुशासन का जो बीज बोया जाता है,वही आगे चलकर उन्हें समाज का जिम्मेदार नागरिक बनाता है। उन्होंने विद्यालय परिवार को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए भविष्य में और व्यापक स्तर पर खेल गतिविधियों के आयोजन की घोषणा की।
डॉ. आलोक कुमार सिन्हा ने विकसित भारत” की संकल्पना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था और स्वस्थ युवा शक्ति ही राष्ट्र की असली पूंजी है। अंत में “वंदे मातरम्” के उद्घोष के साथ पूरे परिसर को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया गया।
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण कड़ी कला शिक्षक सुधीर रावत के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत लाइव पेंटिंग रही,जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंगों के माध्यम से उकेरी गई राष्ट्रभावना और सामाजिक चेतना ने विद्यालय की रचनात्मक क्षमता को नई पहचान दी।
प्रतियोगिताओं में मार्च पास्ट में रमन हाउस, लोकनृत्य में रामानुजन हाउस,कबड्डी में लड़कों में रमन हाउस व लड़कियों में सुभाष हाउस, फुटबॉल में टैगोर हाउस विजेता रहे। अकादमिक एक्सीलेंस में कक्षा 11 की अंकिता अग्रहरि, सुप्रिया मौर्या एवं निधि चौधरी को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। खो-खो में सुभाष हाउस की बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन किया,जबकि ओवरऑल चैंपियन का खिताब रमन हाउस ने अपने नाम किया। समारोह में सभी प्रतिभागियों को स्वर्ण पदक व पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अंत में कक्षा 11 की छात्रा सुप्रिया मौर्या द्वारा प्रभावशाली धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।समग्रतः खेल दिवस का यह तृतीय अंक न केवल एक प्रतियोगिता का समापन था,बल्कि यह अनुशासन, नेतृत्व,सृजनशीलता और राष्ट्रभावना का ऐसा प्रेरणादायी महोत्सव सिद्ध हुआ।
