बस्ती। राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा द्वारा मालवीय मार्ग स्थित ब्राह्मण महासभा परिसर में खिचड़ी सहभोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प0 अशोक कुमार शुक्ल ने कहा कि यह खिचड़ी सामाजिक समरसता का असली उदाहरण है,इस खिचड़ी के माध्यम से भारत का सर्व समाज एक साथ जुड़ता है।

संस्थापक राष्ट्रीय महामंत्री शम्भू नाथ मिश्र ने कहा कि खिचड़ी तो एक बहाना है समस्त सनातनी समाज को एक साथ लाना है, आज हम ब्राह्मणों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है सदियों से ब्राह्मण ने सर्व समाज का मार्गदर्शन किया है।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री डा0 वीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि आज समाज को तोडने बांटने की साज़िश राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है हमारे पूर्वजों ने समाज संचालन की मजबूत संरचना का निर्माण किया था जो सबसे बुद्धिमान और विद्वान थे वह ब्राह्मण थे जिन्होंने ने कर्म के अनुसार समस्त समाज को उचित और सम्मानित स्थान दिया था सभी कार्य महत्वपूर्ण थे।
जिलाध्यक्ष नवीन दूबे ने कहा कि हम समाज को एक सूत्र में बांधने के लिए कृतसंकल्प हैं निरंतर इस कार्य के लिए तत्पर हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्य नारायण शुक्ल कहा कि जिस प्रकार खिचड़ी में मुख्य घटक चावल है इसके साथ तमाम सब्जियां, दालें, मसाले एक साथ मिलाकर तैयार किया जाता है ऐसी ही संरचना हमारे समाज की है जैसे खिचड़ी में नमक ज्यादा हो जाये तो खिचड़ी का स्वाद खराब हो जाता है बस इसी तरह समाज की भी है उन्होंने इशारे-इशारे में आजके वर्तमान परिवेश को समझा दिया। मंच संचालन मन्दिर निर्माण समिति के अध्यक्ष अभिनव उपाध्याय ने किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानन्द मिश्र,रा0 संयुक्त मंत्री विजय विहारी तिवारी, प्रशांत पांडेय, संजय कुमार शुक्ल,सदर विधायक महेन्द्र यादव, डा0आशीष नारायण त्रिपाठी, दुर्गेश मिश्र, आलोक मिश्रा, अशोक मिश्रा, शम्भू नाथ शुक्ल, श्री गोपाल त्रिपाठी, कर्नल के ही मिश्र,जटा शंकर शुक्ल, जगदीश शुक्ल, सूर्य मणि पाण्डेय,आयुष शुक्ल, सुनील पाण्डेय,पी एन दूबे,भावेश पाण्डेय,पंकज त्रिपाठी, लल्लू पाण्डेय, सतीश सोनकर,पूर्व विधायक दयाराम चौधरी,सरजू प्रसाद शुक्ल, अखिलेश दूबे, दयाशंकर मिश्र, राधेश्याम पाण्डेय, राजाराम तिवारी, मनमोहन तिवारी,अजीत शुक्ल, दयाशंकर शुक्ल, सौरभ त्रिपाठी, जितेन्द्र कुमार त्रिपाठी, गोपेश्वर त्रिपाठी, परमेश्वर शुक्ल पप्पू, वीरेन्द्र मिश्र, नरेंद्र उपाध्याय, सिद्धार्थ शंकर मिश्र,देवी दयाल पाण्डेय,बी पी शुक्ल,शैल शुक्ल,अमरेश पाण्डेय,भानु प्रकाश मिश्र, सत्येन्द्र पाण्डेय अश्वनी श्रीवास्तव विक्टिम रवि तिवारी,रवि पाण्डेय अनुराग शुक्ल,सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
