Oplus_131072
जयसिंहपुर/सुल्तानपुर। सुल्तानपुर जिले के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के बरुई गांव निवासी भारतीय सेना के सूबेदार भूपेंद्र कुमार सिंह जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में शहीद हो गए। वे भारतीय सेना की ऑर्डिनेंस विंग में सूबेदार के पद पर तैनात थे। शहीद का पार्थिव शरीर सोमवार को जम्मू से फ्लाइट द्वारा लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा। देर रात उसे उनके पैतृक गांव बरुई लाया गया। पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि अर्पित करने शहीद के घर पहुंचे।
मंगलवार को बरुई घाट पर शहीद सूबेदार भूपेंद्र कुमार सिंह का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेना द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उनके 8 साल के बेटे शिवांश सिंह ने मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने शहीद को अंतिम विदाई दी।
शहीद भूपेंद्र कुमार सिंह का परिवार भी देशसेवा के लिए समर्पित रहा है। उनके पिता स्वर्गीय प्रसिद्ध नारायण सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त थे। उनके बड़े भाई सूबेदार रविंद्र प्रताप सिंह और छोटे भाई सत्येंद्र प्रताप सिंह भी वर्तमान में भारतीय सेना में कार्यरत हैं।
शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए जयसिंहपुर विधायक राज बाबू उपाध्याय, एसडीएम जयसिंहपुर, अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह, जिला पंचायत सदस्य ओ.पी. चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और क्षेत्रीय लोग उनके पैतृक निवास पहुंचे।
जयसिंहपुर विधायक राज बाबू उपाध्याय ने शहीद के घर तक पक्की सड़क बनवाने और उनकी पत्नी के खाते में सवा लाख रुपये भेजने की घोषणा की। स्थानीय लोगों ने शहीद भूपेंद्र कुमार सिंह के बलिदान को याद किया।
सूबेदार भूपेंद्र कुमार सिंह जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत थे। उनके परिवार में पत्नी रूबी सिंह, बेटी शिल्पा सिंह (कक्षा 10 की छात्रा) और छह वर्षीय बेटा शिवांश सिंह हैं। उनका परिवार जम्मू में ही रहता था और बच्चे वहां आर्मी पब्लिक स्कूल में पढ़ते थे। भूपेंद्र कुमार सिंह को तीन माह पूर्व ही जम्मू भेजा गया था। वह 2 दिसंबर को आखिरी बार अपने घर से ड्यूटी पर वापस गए थे। उनके पिता भी सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए थे, जिनकी मृत्यु 12 साल पहले हो गई थी। उनकी माता पुष्पावती देवी इस समय गहरे शोक में हैं।
