•रेलवे पटरी और सरकारी जमीन पर कागजों में फसल दिखाकर करोड़ों की लूट का आरोप।
लखनऊ। आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे ने शुक्रवार को प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर बुंदेलखंड में बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के संरक्षण में किसानों के नाम पर इतिहास की सबसे बड़ी लूट को अंजाम दिया गया है, जिसमें बीमा कंपनियों, अधिकारियों और दलालों की संगठित मिलीभगत से कागजों पर खेती उगाकर करोड़ों रुपये का गबन किया गया, जबकि असली किसान सूखे और कर्ज में टूटता चला गया।
वंशराज दुबे ने कहा कि महोबा जिले के लूहारी गांव का वास्तविक रकबा 747 हेक्टेयर है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड और बीमा दस्तावेजों में 1138 हेक्टेयर भूमि का बीमा दिखा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यह कौन सा गणित है जो जमीन को कागजों पर दोगुना कर देता है।
उन्होंने इसे भाजपा के “डबल इंजन विकास” का सच बताते हुए कहा कि यह एक खुला, संगठित और संरक्षित घोटाला है।आप प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि बुंदेलखंड में भ्रष्टाचार इस हद तक पहुंच चुका है कि रेलवे लाइन, बंजर जमीन, नालों और सरकारी भूमि पर फसल दिखाकर बीमा क्लेम निकाल लिए गए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या अब उत्तर प्रदेश में रेलवे पटरियों पर भी खेती होने लगी है, और यदि नहीं, तो इन फर्जी क्लेम्स पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि किसानों के नाम पर दलालों ने 15 से 40 लाख रुपये तक के क्लेम हड़प लिए, जबकि हजारों वास्तविक किसानों को इसकी जानकारी तक नहीं है। असली किसान सूखे से उजड़ रहा है, कर्ज में डूब रहा है और आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहा है, वहीं बीमा माफिया सरकारी खजाने को लूट रहा है।
वंशराज दुबे ने कहा कि यह घोटाला जिला प्रशासन, राजस्व विभाग के लेखपाल और कानूनगो, कृषि विभाग, बैंक और सीएससी केंद्रों तथा बीमा कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।
उन्होंने बताया कि 52 हजार पॉलिसियों का निरस्त होना इस बात का प्रमाण है कि यह लूट कितनी गहरी और संगठित है। बिना किसी भौतिक सत्यापन के करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया, जो व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जाता है, लेकिन बुंदेलखंड में यह किसानों के लिए नहीं, बल्कि बीमा माफिया के लिए एटीएम मशीन बन चुकी है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने बड़े स्तर पर घोटाला सामने आ चुका है, तो अब तक किसी डीएम, एसडीएम या बीमा कंपनी के शीर्ष अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्या कानून सिर्फ गरीब किसान और छोटे कर्मचारियों के लिए ही है।
आम आदमी पार्टी ने सरकार से तीखे सवाल करते हुए कहा कि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही केवल कार्रवाई की बात कहकर जिम्मेदारी से बच रहे हैं, जबकि 40 करोड़ रुपये से अधिक के इस गबन में अब तक किसी बड़े जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं हुई।
पार्टी ने पूछा कि जब महोबा, झांसी और ललितपुर में यह स्थिति है, तो क्या पूरे प्रदेश में यही खेल नहीं चल रहा, और जिन लोगों ने पैसा हड़पा है, उनसे वसूली कब की जाएगी।
प्रेस वार्ता के अंत में आम आदमी पार्टी ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि सीबीआई या उच्च न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए। दोषी अधिकारियों और बीमा कंपनियों के प्रबंधकों की संपत्ति कुर्क कर जनता के धन की रिकवरी की जाए।
पूरे उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का विशेष ऑडिट कराने की मांग करते हुए पार्टी ने कहा कि बुंदेलखंड केवल एक झांकी है। साथ ही इस घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कृषि मंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग की गई।
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मुद्दा सड़क से लेकर सदन तक उठाया जाएगा और किसानों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
