लखनऊ। राजधानी लखनऊ के बहादुरपुर बस्ती में 20 वर्षों से रह रहे असम मूल के सफाईकर्मियों को भाजपा की मेयर द्वारा “बांग्लादेशी” और “रोहिंग्या” बताकर 15 दिनों में क्षेत्र खाली करने का आदेश देने के मामले ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने इसे अमानवीय, असंवैधानिक और भाजपा की चुनावी साजिश करार दिया है।
पार्टी ने कहा कि यह कार्रवाई एसआईआर प्रक्रिया के खुले दुरुपयोग का उदाहरण है, जिसके माध्यम से प्रदेश में भय और भ्रम का वातावरण तैयार किया जा रहा है। आप ने घोषणा की है कि इस प्रकरण पर मुख्य चुनाव आयुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
शनिवार को आप मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने कहा कि नगर निगम अधिकारियों के साथ की गई इस छापेमारी में मेयर ने असम के वैध भारतीय नागरिकों को बांग्लादेशी बताकर जिस तरह उनसे बस्ती खाली करने को कहा, वह घोर निंदनीय है।
उन्होंने बताया कि इन परिवारों के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र और एनआरसी डेटा सहित सभी आवश्यक पहचान पत्र मौजूद हैं। वर्षो से लखनऊ की सफाई व्यवस्था चलाने वाले इन मेहनतकश परिवारों पर अचानक लगाए गए ऐसे आरोप भाजपा की असंवेदनशीलता और असम के नागरिकों के प्रति नफरत का प्रमाण हैं।
विनय पटेल ने कहा कि भाजपा हर चुनाव से पहले बांग्लादेशी का भय दिखाकर समाज को बांटने और ध्रुवीकरण करने का कुत्सित प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, हरियाणा और अब उत्तर प्रदेश—हर जगह भाजपा असम के नागरिकों को निशाना बनाकर इंसानियत को शर्मसार कर रही है। आम आदमी पार्टी इन परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और इस तानाशाही कदम के खिलाफ सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।
इस मौके पर बौद्ध प्रांत अध्यक्ष इंजी. इमरान लतीफ ने कहा कि लखनऊ नगर निगम भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है, जिसकी सफाई व्यवस्था पूरी तरह असम के मजदूर भाइयों पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि यही मेहनतकश लोग शहर को स्वच्छ रखते हैं, लेकिन भाजपा मेयर उन्हें ही “बांग्लादेशी” बताकर अपमानित कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर निगम की मूल जिम्मेदारियों में पूरी तरह विफल रही हैं, लेकिन पार्टी की नफरत भरी विचारधारा को लागू करने में बेहद सक्रिय हैं। यह कार्रवाई भाजपा की विफल नीतियों और विभाजनकारी राजनीति का जीवंत उदाहरण है।
इमरान लतीफ ने कहा कि भाजपा बार-बार चुनावी फायदे के लिए झूठ और नफरत का एजेंडा चलाती है। दिल्ली हो, बिहार हो या अब उत्तर प्रदेश—हर जगह असम के भारतीय नागरिकों को “बांग्लादेशी” बताकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आप ऐसी राजनीति को कभी सफल नहीं होने देगी।
राज्यसभा सांसद और प्रदेश प्रभारी संजय सिंह पहले ही इस मामले को गंभीरता से उठा चुके हैं।अयोध्या प्रांत प्रभारी सरबजीत सिंह मक्कड़ ने आरोप लगाया कि भाजपा 11 वर्षों से सत्ता में है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले प्रशासनिक प्रक्रियाओं का राजनीतिक उपयोग कर लोगों को बांटने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया का खुलेआम दुरुपयोग लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की भावना पर सीधा हमला है। आम आदमी पार्टी इस पूरे मामले पर मुख्य चुनाव आयुक्त को ज्ञापन देकर भाजपा की साजिश का पर्दाफाश करेगी और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग करेगी।
