•कार्यों में हेरा फेरी करोड़ों रुपए के फर्जी भुगतान को लेकर विकास भवन के अधिकारियों के द्वारा चलाया गया हंटर।
•ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों का होगा फिर से पुनरीक्षण
12 दिसंबर को हुई ऑडिट को किया गया रद्द, होगी पुनरीक्षण।
•मामला सेमरियावा विकासखंड के ग्राम पंचायत कमरिहा का है।
के के मिश्रा संवाददाता।
संत कबीर नगर। प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास व जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे सड़क नाली, खड़ंजा, पीएम आवास से लाभ पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च करती है लेकिन वहीं उसी रूपए का कर्मचारियों की मिली भगत से बंदर बांट करते हुए विकास को अवरोध कर दिया जाता है।
कुछ ऐसा ही मामला सेमरियावा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत कमरिहा का है जहां ग्राम पंचायत के लिए विकास के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करने का मामला संज्ञान में आया है वही बीते 12 दिसंबर को हुए सोशल ऑडिट में ग्राम प्रधान की मिली भगत से सोशल आडिट टीम के साथ मिलकर 15 मिनट में सोशल ऑडिट संपन्न कर लिया गया। विकास के नाम पर ग्राम पंचायत में कहीं कुछ नजर नहीं आता।इस मामले को सम्मानित समाचार पत्र ने अपने अंक में प्रकाशित किया कि डेढ़ करोड़ रुपए का खर्चा विकास के नाम पर लेकिन विकास कहीं दिखाई नहीं दिया। जिससे टीम के लोगों द्वारा 15 मिनट में समाप्त कर दिया गया।
ऐसा लगता है की टीम के लोग तथा ग्राम प्रधान की दुरभि सन्धि नजर आती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला विकास अधिकारी पी त्रिपाठी द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए बीते दिवस इस संबंध में सोशल आडिट टीम के लोगों से वह सभी अभिलेखों को ब्लॉक मुख्यालय सेमरियावा में मंगाकर पुनरीक्षण किया गया।
सूत्रों की अगर मानी जाए तो जिला विकास अधिकारी द्वारा विकास के नाम पर लूट मचाने वाले ग्राम पंचायत व प्रधान बक्शे नहीं जाएंगे, इससे साफ जाहिर होता है कि विकास के नाम पर विकास के ऊपर विकास भवन का डंडा चलने वाला है।
