लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वाराणसी दाल मंडी में चल रहे ध्वस्तीकरण को पूरी तरह राजनीतिक निर्णय बताते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया।
सपा कार्यालय में दाल मंडी के पीड़ित व्यापारियों के साथ मुलाकात के बाद उन्होंने स्पष्ट कहा कि कई वर्षों से भाजपा सरकार ने वाराणसी के व्यापारियों पर संकट खड़ा कर रखा है। दुकानों को गिराया जाना न तो हेरिटेज संरक्षण की योजना है और न ही शहर के विकास का कोई वास्तविक मॉडल, बल्कि यह भाजपा की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार वाराणसी को क्योटो बनाने का वादा करके आई थी, लेकिन आज हकीकत यह है कि व्यापारियों की दुकानें छीनी जा रही हैं और लोगों को डराकर उनकी आजीविका खत्म की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा बांटो और राज करो की नीति पर काम कर रही है और इसी मानसिकता के तहत दाल मंडी के व्यापारियों को बेवजह परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दाल मंडी जैसी ऐतिहासिक बाजारें एक दिन में नहीं बनतीं। इन्हें खड़ा करने में लोगों की पीढ़ियां लग जाती हैं। दुकान टूटने पर मुआवजे के नाम पर कहीं और जगह तो मिल सकती है, लेकिन उस बाजार की पुरानी पहचान, ग्राहक और कारोबार वापस नहीं मिलता। भाजपा सरकार व्यापार एवं व्यापारियों के प्रति पूरी तरह नकारात्मक और असंवेदनशील है।
अखिलेश यादव ने कहा कि दुनिया के कई देशों ने अपने हेरिटेज को बचाते हुए विकास के आधुनिक मॉडल बनाए हैं, लेकिन भाजपा सरकार इतिहास को बचाने के नाम पर लोगों की रोज़ी-रोटी छीन रही है। उन्होंने मांग की कि तत्काल दाल मंडी के राजनीतिक डिमोलिशन को रोका जाए और व्यापारियों को संरक्षण दिया जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अधिकारियों के माध्यम से दबाव बनाकर जनता को डराने का काम कर रही है। झूठे मुकदमों, धमकी और बल प्रयोग के जरिए लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अधिकारियों की मनमानियों का हिसाब समय आने पर लिया जाएगा।सपा प्रमुख ने भाजपा की विकास योजनाओं पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने यूपी में लखनऊ, कानपुर, आगरा और नोएडा–ग्रेटर नोएडा मेट्रो का काम शुरू किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने वाराणसी में मेट्रो परियोजना रोक दी। यदि मेट्रो बन जाती तो चौड़ीकरण और दुकानें गिराने की नौबत ही नहीं आती। वरुणा रिवरफ्रंट, गंगा सफाई और शहर के विकास से संबंधित कई योजनाओं को भी भाजपा ने रोककर नुकसान पहुंचाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने नौ वर्षों में किसानों, नौजवानों, व्यापारियों और आम जनता के साथ अन्याय किया है। सरकारी संपत्तियों को बेच दिया गया और लखनऊ में समाजवादी सरकार द्वारा बनाए गए कई संस्थानों को भी निजी हाथों में सौंप दिया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दाल मंडी के व्यापारी राहुल, किसन दीक्षित और नीलोफर ने भी अपनी समस्याएँ रखते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट व्यापारियों के हित में नहीं है। वे कई पीढ़ियों से इस क्षेत्र में बसे हैं और किसी भी प्रकार का परिवर्तन सैकड़ों परिवारों की आजीविका को खत्म कर देगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा, सांसद वीरेन्द्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़, महासचिव योगेंद्र यादव और महिला सभा प्रदेश अध्यक्ष रीबू श्रीवास्तव सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
