लखनऊ। समाज कल्याण विभाग की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए सफलता का नया द्वार खोल दिया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) 2024 की परीक्षा में इस योजना से जुड़े कुल 14 अभ्यर्थियों ने चयनित होकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
इनमें सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि श्याम यादव की रही, जिन्होंने पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल कर योजना की सफलता को नई ऊंचाई प्रदान की है। उनकी इस उपलब्धि पर समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
श्याम यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उनके लिए दिशा और आत्मविश्वास दोनों का स्रोत बनी। योजना से जुड़ने के बाद उन्हें विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, स्टडी मटीरियल और मॉक इंटरव्यू जैसी सुविधाएं मिलीं, जिनकी बदौलत उनकी तैयारी और आत्मबल दोनों को मजबूती मिली।
अन्य सफल अभ्यर्थियों में प्रतीक वर्मा (रैंक 61), अभिषेक मिश्रा (77), अनूप कुमार (106), सत्यपाल सिंह यादव (133), दिव्या सिंह परिहार (166), हिमांशु मौर्या (197), मितेंद्र श्रीवास्तव (208), रोहित वर्मा (224), ललित सिंह (225), हिमांशु सिंह (297), मंगलदीप पाल (313), रुपाली सिंह (365) और शिवम आनंद (379) शामिल हैं।
वर्ष 2021 में प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उद्देश्य राज्य के सभी वर्गों के मेधावी युवाओं को IAS, PCS, NDA, CDS, SSC, CAPF जैसी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराना है। योजना वर्तमान में 75 जनपदों में 166 केंद्रों के माध्यम से संचालित की जा रही है।यह योजना विद्यार्थियों को न केवल ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लासेज उपलब्ध कराती है, बल्कि मॉक टेस्ट, पर्सनल मेंटरशिप और इंटरव्यू की प्रैक्टिस जैसी व्यवस्थाओं से उन्हें प्रतियोगी माहौल के लिए पूर्ण रूप से तैयार भी करती है।
अब तक इस योजना से 87 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभ मिल चुका है। इनमें से 1,100 से अधिक अभ्यर्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो चुके हैं। योजना की सफलता में संयुक्त निदेशक सुनील कुमार विशेन, श्री पी.के. त्रिपाठी और उपनिदेशक सुनीता यादव का योगदान भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है।मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना अब सिर्फ कोचिंग कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के लिए उम्मीद और सफलता की प्रतीक बन चुकी है, जो उन्हें अपने सपनों की उड़ान भरने का अवसर दे रही है।
