लखनऊ। कांग्रेस नेता एवं विधानमंडल दल की प्रमुख आराधना मिश्रा मोना ने भाजपा योगी आदित्यनाथ सरकार पर प्रदेश के विजन 2047 की चर्चा को केवल दिखावा और इवेंट करार देते हुए Assembly के मॉनसून सत्र में निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए ठोस विजन और उसकी पूर्ति में कांग्रेस सरकारों और नेताओं का योगदान हमेशा प्रमुख रहा है, जबकि वर्तमान सरकार की योजनाएं केवल औपचारिक रूप से प्रस्तुत की जा रही हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि देश के विकास की नींव देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने रखी थी।विधानसभा में बोलते हुए आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास विकास के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी स्पष्ट है और इसका प्रमाण 10 साल के कार्यकाल के आंकड़े हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, रोजगार और कृषि सहित बुनियादी जरूरतों पर सरकार की विफलताओं को उजागर किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है, लेकिन कृषि पर बजट केवल 3.2 प्रतिशत है जबकि अन्य राज्यों में यह 6 प्रतिशत से अधिक है। किसानों की आय दोगुनी करने के वादे और बढ़ती लागतों के बीच सरकार के आंकड़े असंगत हैं। गन्ना किसानों का बकाया, डीएपी की बढ़ती कीमतें और ट्रैक्टर पर कर वृद्धि जैसी समस्याएं सरकार के जिम्मेदार प्रबंधन की कमी को दर्शाती हैं।
आराधना मिश्रा मोना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना में प्रदेश नंबर वन होने के दावे के बावजूद राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की धोखाधड़ी विरोधी इकाई ने प्रदेश में 139 करोड़ से अधिक के फर्जी क्लेम पकड़े हैं। मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी और वेंटिलेटर एवं दवा की अनुपलब्धता के कारण मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं।
प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और रोड सेफ्टी की अनदेखी को लेकर उन्होंने सरकार की आलोचना की। उन्होंने बेरोजगारी, आउटसोर्सिंग, शिक्षा की कमी, बिजली का निजीकरण और सरकारी फ्लैगशिप योजनाओं जैसे नमामि गंगे और जल जीवन मिशन की विफलताओं को भी उजागर किया।
उन्होंने कहा कि 2047 के विजन की चर्चा करते हुए भी प्रदेश में कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और महिलाओं एवं दलितों पर बढ़ते अत्याचार की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
आराधना मिश्रा मोना ने स्पष्ट किया कि सरकार को 10 साल का पूरा हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए और विकास के वास्तविक परिणामों पर जवाबदेही देनी होगी।
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