लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़-फोड़ और आस्था की प्रतीक माता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्तियों को तोड़कर मलबे में फेंक दिए जाने की घटना को बेहद संवेदनहीन और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए योगी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है।
इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पत्रकारों को संबोधित किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष हिंदवी भी मौजूद रहे। प्रेसवार्ता की शुरुआत माता अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई।
अजय राय ने कहा कि चाहे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का मामला रहा हो या फिर माता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्तियों को तोड़ने की घटना, काशी की पौराणिकता और सांस्कृतिक विरासत को नष्ट करने का कार्य कोई बाहरी ताकत नहीं कर रही, बल्कि यह दुखद सच्चाई है कि यह सब उन्हीं लोगों द्वारा किया जा रहा है जो कभी कहते थे कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया है। आज वही लोग मां गंगा और काशी के सबसे बड़े दुश्मन साबित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 25 मई 2025 को भाजपा माता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पूरे देश में भव्य आयोजनों के साथ मनाती है, चांदी के सिक्के जारी करती है और आस्था के नाम पर बड़े-बड़े इवेंट करती है, लेकिन ठीक छह महीने बाद उन्हीं माता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्तियों पर बुलडोजर चलवा दिया जाता है। अजय राय ने इसे भाजपा की दोहरी सोच और अवसरवादी राजनीति का जीता-जागता उदाहरण बताया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि योगी सरकार अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय जनता और सच्चाई बोलने वालों को डराने के लिए एफआईआर का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं सच्चाई से भली-भांति परिचित हैं, इसीलिए वाराणसी जाकर लीपापोती करने का प्रयास किया गया और यह दावा किया गया कि सामने आई तस्वीरें एआई जनरेटेड हैं।
अजय राय ने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें नैतिक साहस है तो वे सभी पत्रकारों को उस स्थान पर ले जाकर यह स्पष्ट करें कि माता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्तियां नहीं तोड़ी गईं।
अजय राय ने कहा कि भाजपा का असली चरित्र आस्था नहीं बल्कि व्यापार है। यह लोग भावनाओं में नहीं बल्कि इवेंट में विश्वास रखते हैं। कभी राम के नाम पर, कभी शिव के नाम पर और कभी माता अहिल्याबाई के नाम पर जनता की आस्था को व्यापार में बदला जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रभु राम के नाम पर बने ट्रस्ट में हुए कथित घोटाले, राम पथ में एक वर्ष के भीतर पड़ी दरारें, मंदिर में पानी टपकने की घटनाएं और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर प्राचीन शिवलिंगों को तोड़े जाने की बातें किसी से छिपी नहीं हैं और आज उसी सिलसिले को माता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्तियों के साथ दोहराया जा रहा है।प्रेसवार्ता के दौरान अजय राय ने मीडिया के सामने तोड़-फोड़ से जुड़े वीडियो भी दिखाए।
इसके साथ ही एक ऐसा वीडियो भी प्रस्तुत किया गया जिसमें एक भाजपा मंत्री स्वयं यह स्वीकार करते नजर आ रहे हैं कि वहां मूर्तियां तोड़ी गई हैं। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर ट्रस्ट का पत्र भी मीडिया को दिखाया और कहा कि इस पत्र में माता अहिल्याबाई होल्कर के परिवार से जुड़े लोगों ने न केवल मूर्तियों को तोड़े जाने की पुष्टि की है, बल्कि घटनास्थल की तस्वीरें भी सार्वजनिक रूप से साझा की हैं।
अजय राय ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि यदि सच बोलना अपराध है तो क्या माता अहिल्याबाई होल्कर के परिवार के उन लोगों पर भी एफआईआर दर्ज की जाएगी, जो पहले दिन से इस संवेदनहीन घटना का विरोध कर रहे हैं और प्रमाण सामने रख रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से पूछा कि क्या यशवंत राव होल्कर पर भी एफआईआर होगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि डरी और सहमी योगी सरकार पुलिस को आगे कर तानाशाही रवैया अपना रही है। सरकार स्वयं गलतियां करती है और फिर एफआईआर के डर से सच्चाई को दबाना चाहती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के सिपाही होने के नाते वे न तो गलत सहेंगे और न ही सच कहना बंद करेंगे।
