•शाम 4 बजे तक 3.82 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी।
रिपोर्ट: पवन कुमार रस्तोगी।
प्रयागराज। मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर प्रयागराज स्थित संगम तट पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के भोर से ही गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में स्नान के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार जारी रहा। माघ मेले के तहत देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा व आस्था के साथ संगम में पवित्र स्नान किया।

प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर सुबह 4 बजे तक लगभग 50 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। वहीं सुबह 7 बजे तक यह संख्या बढ़कर लगभग 75 लाख पहुंच गई। पूर्वाह्न 8 बजे तक 1.3 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके थे। सुबह 8:30 बजे तक स्नान करने वालों की संख्या 1.5 करोड़ के पार पहुंच गई।

दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या में तीव्र वृद्धि देखने को मिली। प्रशासन के अनुसार मध्याह्न 12 बजे तक कुल 3.15 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया, जबकि शाम 4 बजे तक यह आंकड़ा लगभग 3.82 करोड़ तक पहुंच गया। अनुमान जताया जा रहा है कि मौनी अमावस्या के दिन कुल स्नानार्थियों की संख्या 4 करोड़ के आंकड़े को भी पार कर सकती है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र माघ मेला क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। मेटल डिटेक्टर और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से निगरानी की गई। यूपी एटीएस की गश्ती टीमें भी मेला क्षेत्र में लगातार भ्रमण करती रहीं।
भीड़ प्रबंधन को लेकर पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार स्वयं पुलिस बल के साथ प्रमुख स्नान घाटों पर मौजूद रहे। वे स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं से घाट खाली करने की अपील करते दिखे, जिससे अन्य श्रद्धालुओं को सुगमता से स्नान का अवसर मिल सके। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय पाल शर्मा भी उनके साथ तैनात रहे।
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि मौनी अमावस्या स्नान पर्व के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक और सुनियोजित व्यवस्थाएं की गई हैं। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुचारू वापसी सुनिश्चित की जा रही है। निकासी मार्गों तथा पार्किंग स्थलों पर वाहनों की आवाजाही प्रशासन की पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार संचालित हो रही है। अब तक किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या असुविधा की सूचना नहीं मिली है।
मौनी अमावस्या के पावन स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक उपस्थिति ने माघ मेले को आस्था, अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्थाओं का अद्भुत उदाहरण बना दिया है।
