•आज होगा मऊ–खुरहट खंड का निरीक्षण, स्पीड ट्रायल के दौरान सतर्क रहने की अपील।
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। भटनी–औंड़िहार रेलखंड के अंतर्गत दुल्लहपुर–मऊ (21 किमी) खंड का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य पूरा होने के बाद बुधवार को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), उत्तर-पूर्व सर्किल श्री प्रणजीव सक्सेना ने इस खंड का विस्तृत संरक्षा निरीक्षण किया।


निरीक्षण के दौरान उनके साथ पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य अभियंता श्री नीलमणि, मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी श्री आशीष जैन, रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के कार्यकारी निदेशक श्री विकास चंद्रा, मुख्य परियोजना प्रबंधक श्री आशुतोष शुक्ला सहित मुख्यालय, मंडल और आरवीएनएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सीआरएस ने निरीक्षण की शुरुआत दुल्लहपुर स्टेशन से की। यहां उन्होंने विद्युतीकरण के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, संरक्षा गियरों में बदलाव, स्टेशन वर्किंग रूल, रिले रूम विस्तार, यार्ड में समपारों के दोहरीकरण, प्लेटफार्म व पैदल उपरिगामी पुल के क्लियरेंस तथा यात्री सुविधाओं की मानक उपलब्धता का निरीक्षण किया। इसके बाद मोटर ट्रॉली से दुल्लहपुर–पिपरीडीह रेलखंड का निरीक्षण करते हुए किमी 72/3 पर रेल ओवरब्रिज में सेस्मिक अरेस्टर व बियरिंग की जांच की गई। रेलपथ के फाउंडेशन, पाइप, कुशनिंग तथा लॉन्ग वेल्डेड रेल के स्विच एक्सटेंशन जॉइंट और रीडिंग का मापन भी किया गया।
पिपरीडीह स्टेशन पर दोहरीकरण-सह-विद्युतीकरण के अनुरूप स्टेशन उपकरणों, यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था, केंद्रीकृत वीडीयू पैनल, रिले रूम, पावर सप्लाई रूम तथा यार्ड में फेसिंग प्वाइंट संख्या 101ए और समपार संख्या 5/बी-2 का संरक्षा निरीक्षण किया गया। इसके पश्चात सीआरएस ने मोटर ट्रॉली से पिपरीडीह–मऊ ब्लॉक सेक्शन का निरीक्षण करते हुए रेलपथ जड़ाई, बैलास्ट, ओवरहेड ट्रैक्शन लाइन, पोल्स, पुलों, समपार फाटकों और अंडरपासों की मानक स्थिति परखी।
मऊ स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग कार्यों के साथ पश्चिम केबिन के वीडीयू पैनल, रिले रूम तथा खुरहट छोर पर संरक्षा गियरों में किए गए बदलावों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की गई।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार भटनी–औंड़िहार दोहरीकरण परियोजना राष्ट्रीय रेल नेटवर्क के लिए एक रणनीतिक परियोजना है। इसके पूर्ण होने से इस व्यस्त एकल-लाइन खंड पर भीड़भाड़ कम होगी, यात्री व मालगाड़ियों की गति और आवृत्ति बढ़ेगी तथा यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होने के साथ क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि आज मऊ–खुरहट खंड का संरक्षा निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद दुल्लहपुर–मऊ और मऊ–खुरहट खंड पर विशेष ट्रेन से अधिकतम गति का स्पीड ट्रायल किया जाएगा।
रेल प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि निरीक्षण एवं स्पीड ट्रायल के दौरान रेलपथ पर न जाएं और न ही अपने पशुओं को रेलवे ट्रैक पर जाने दें।
