•अनजान लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल का एक्सेस ठगों के हाथ लगा।
•बिना ओटीपी के अलग-अलग ट्रांजेक्शन से उड़ाए गए पैसे।
बस्ती। साइबर ठगों ने मोबाइल पर लिंक भेज कर पीड़ित के खाते से एक लाख 64 हजार 624 रुपये पार कर दिया। पुलिस ने गुलाब चंद्र निवासी मेहड़ा सैदवार थाना मुंडेरवा की तहरीर पर अज्ञात साइबर ठगों पर केस दर्ज कर घटना की छानबीन शुरू कर दी है।
डिजिटल इंडिया के दौर में साइबर अपराधी ठगी के नए-नए तरीके अपनाकर लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे हैं। ताजा मामला मुंडेरवा के मेहड़ा सैदवार गांव से सामने आया है, जहां एक अज्ञात लिंक पर क्लिक करना गुलाब चंद्र को काफी महंगा पड़ गया। ठगों ने झांसा देकर पीड़ित के बैंक खाते से महज कुछ ही मिनटों में 1.64 लाख रुपये उड़ा लिए।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित के मोबाइल पर एक मैसेज आया था। इसमें रिवार्ड पाइंट का हवाला देते हुए एक लिंक भेजा गया था। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, उनके मोबाइल का एक्सेस ठगों के पास चला गया। इसके बाद बिना कोई ओटीपी साझा किए, पीड़ित के खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल एक लाख 64 हजार 624 रुपये कट गए।
पीड़ित ने बताया कि मोबाइल पर लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे। जब तक वह कुछ समझ पाते और बैंक को सूचित कर पाते, तब तक ठगों ने खाते को लगभग खाली कर दिया था। आनन-फानन में पीड़ित ने बैंक के कस्टमर केयर पर काल कर कार्ड और अकाउंट ब्लाक करवाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना के बाद पीड़ित ने स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। साइबर टीम ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और जिस नंबर से लिंक आया था, उसकी जांच कर रही है।
एसओ प्रदीप सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह फिशिंग और मैलवेयर का मामला लग रहा है। इसकी विवेचना सर्किल स्तर पर तैनात निरीक्षक की ओर से आरंभ कर दी गई है।
एसओ ने कहा कि अक्सर लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं। ठगी से बचने के लिए किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें। बैंक कभी भी फोन या लिंक भेजकर केवाईसी अपडेट करने को नहीं कहता। किसी के कहने पर कोई भी लिंक इंस्टाल न करें। यदि आपके साथ ठगी होती है, तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल कर शिकायत दर्ज कराएं।
