•रिपोर्ट – सौरभ पाठक।
बेंसवा (अलीगढ़)। मंगलायतन विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई-4 के तत्वावधान में ‘महिला सशक्तिकरण’ विषय पर सोमवार को एक वेबिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में समाज में महिलाओं की भूमिका, चुनौतियाँ और उनके अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह बताया गया कि महिलाएं किस प्रकार आत्मनिर्भर बनकर समाज में सशक्त भूमिका निभा सकती हैं। वेबिनार में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता की।
वेबिनार की मुख्य वक्ता डॉ. शीतल सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रयास तो हो रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अभी भी चिंता का विषय है। जब तक महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र नहीं होंगी, तब तक उनका सशक्तिकरण अधूरा रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं को केवल घरेलू भूमिकाओं तक सीमित कर देना उनके विकास में बड़ी बाधा है। बेटियों को शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर देने की आवश्यकता पर भी उन्होंने बल दिया।
संयोजक एवं एनएसएस इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नियति शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों एवं स्वतंत्रता के प्रति जागरूक करना था। एनएसएस समन्वयक डॉ. पूनम रानी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से यह संदेश देना आवश्यक है कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक सामाजिक आवश्यकता है।
कार्यक्रम में डॉ. शालू अग्रवाल, मनीषा उपाध्याय सहित छात्राओं—अफीफा, कीर्ति, अन्नू, उर्वशी, खुशी आदि ने भी महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए।
