कुदरहा, बस्ती। जनपद के ग्राम पंचायत खरका में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के विशेष प्रसंग ‘शिव-पार्वती विवाह’ का वर्णन सुनते ही पाण्डाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कामधेनु मंदिर के पुरोहित और प्रख्यात कथावाचक सूर्यकांताचार्य जी ने जब भोलेनाथ की बारात और माता पार्वती के अटूट प्रेम का वृत्तांत सुनाया, तो पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
आकर्षण का केंद्र रही भव्य झांकी
कथा के दौरान शिव-पार्वती विवाह का सजीव चित्रण करने वाली एक भव्य झांकी निकाली गई। नंदी पर सवार भोलेनाथ और उनके साथ आए भूत-पिशाचों की टोली को देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। झांकी पर भक्तों ने पुष्प वर्षा की और मंगल गीत गाकर झूमने लगे।
कथा व्यास का संदेश: समर्पण से ही मिलते हैं ईश्वर
प्रसंग की व्याख्या करते हुए कथा व्यास ने बताया कि माता पार्वती ने कठिन तपस्या के बल पर महादेव को प्राप्त किया था। उन्होंने कहा:
मानसिक विकारों का अंत: शिव-पार्वती की आराधना से मनुष्य के भीतर के कलुषित विचारों और विकारों का नाश होता है।
अटूट विश्वास: जब पर्वतराज हिमालय के घर महर्षि नारद ने इस विवाह का संयोग बताया, तो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पार्वती जी ने अपने संकल्प को नहीं डगमगाने दिया।
सनातन संस्कार: भगवान की कथा न केवल मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है, बल्कि जीवन में उच्च संस्कारों का बीजारोपण भी करती है।
क्षेत्रीय गणमान्य जनों की रही उपस्थिति
इस धार्मिक अनुष्ठान में भारी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ हरिओम मिश्र, विवेक सिंह, पं. अमर वैदिक, अमित सिंह और प्रदीप सिंह जैसे गणमान्य लोग उपस्थित रहे। श्रद्धा और भक्ति का यह समागम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
