गोरखपुर। डीएम ऑफिस में फरियादियों के लिए शुक्रवार को नया मुलाकाती पर्ची सिस्टम लागू किया गया। इस व्यवस्था के तहत अब हर व्यक्ति को डीएम दीपक मीणा से मिलने से पहले पर्ची बनवानी होगी। यह पर्ची सिर्फ प्रवेश पास नहीं होगी, बल्कि यह फरियादी की शिकायत के निस्तारण की स्थिति और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का आधार बनेगी।
पर्ची पर एक यूनिक नंबर, फरियादी का नाम-पता और शिकायत की तारीख दर्ज होगी। रजिस्टर में पूरी जानकारी लिखने के बाद ही फरियादी डीएम से मिल सकेगा। पुरानी पर्चियां साथ लाने होंगी, ताकि यह पता चल सके कि शिकायत कब से लंबित है। यदि समस्या समाधान योग्य है और लंबे समय तक अनसुलझी रही, तो संबंधित अधिकारी से जवाब-तलब किया जाएगा। अगर समस्या उस स्तर पर हल होने लायक नहीं है, तो फरियादी को आगे का रास्ता बताया जाएगा। डीएम ऑफिस, जो रेलवे बस स्टेशन के पास पर्यटन विभाग के भवन परिसर में स्थित है, के मुख्य द्वार के बाईं ओर डीएम का कक्ष और दाईं ओर पर्ची काउंटर बनाया गया है।
पर्ची के एक हिस्से में फरियादी की जानकारी होगी, जबकि दूसरी ओर सरकारी योजनाओं और अभियानों का विवरण होगा, जिससे यह जागरूकता का माध्यम भी बनेगा। हर पर्ची के नंबर से शिकायत की ऑनलाइन स्थिति (आईजीआरएस पर दर्ज) जांची जा सकेगी। डीएम दीपक मीणा ने कहा, “आईजीआरएस पर दैनिक आवेदन ऑनलाइन दर्ज होते हैं। पर्ची नंबर से शिकायत की स्थिति तुरंत पता चलेगी। जिनके पास मोबाइल मैसेज देखने की सुविधा नहीं, उनके लिए हार्ड कॉपी उपयोगी होगी।”
यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। लंबित शिकायतों पर सख्ती से कार्रवाई का इरादा जताया गया है, जो फरियादियों के लिए राहत और प्रशासनिक पारदर्शिता का संकेत है।
