कोलकाता(राष्ट्रीय)। पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी से जुड़े मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार 3 फरवरी 2026 की सुबह एक बार फिर बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की। केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमों ने कोलकाता, दुर्गापुर, आसनसोल और बर्द्धमान समेत राज्य के कुल नौ ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई का उद्देश्य कोयला तस्करी से अर्जित अवैध धन के लेन-देन की कड़ियों को खंगालना है। ईडी को आशंका है कि तस्करी से जुटाई गई रकम को हवाला नेटवर्क के माध्यम से इधर-उधर किया गया है। इसी संदेह के आधार पर एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड और अहम दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
कोलकाता के अलावा दुर्गापुर में भी ईडी की टीमें सक्रिय हैं। मंगलवार सुबह करीब छह बजे से सेपको टाउनशिप में एक बालू कारोबारी के आवास पर छापेमारी की जा रही है। वहीं, सिटी सेंटर इलाके में आंबेडकर सरणी स्थित एक संदिग्ध मकान की तलाशी ली जा रही है। पांडवेश्वर और कांकसा में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के समीप स्थित परिसरों पर भी जांच एजेंसी ने दबिश दी है।
जांच के दौरान सामने आया है कि संबंधित कारोबारी अजय और दामोदर नदियों से बालू खनन के काम से जुड़े हुए हैं। आरोप है कि वैध टेंडर का सहारा लेकर बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन किया गया। एक ही चालान को बार-बार इस्तेमाल कर बालू की ढुलाई की गई। बीरभूम जिले के चालान दिखाकर पश्चिम बर्द्धमान जिले से अवैध रूप से बालू की तस्करी किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
ईडी का कहना है कि इन गैरकानूनी गतिविधियों के जरिए कारोबारियों ने कम समय में भारी संपत्ति जुटाई है। फिलहाल तलाशी अभियान जारी है और कई अहम दस्तावेजों के जब्त किए जाने की सूचना है।
