काशीपुर। उत्तराखंड में जमीन धोखाधड़ी और पुलिस की अनदेखी से आहत किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। हल्द्वानी में फेसबुक लाइव करने के बाद खुद को गोली मारने की इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी उधमसिंह नगर मणिकांत मिश्रा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए काशीपुर के आईटीआई थाने के प्रभारी और एक एसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।
पुलिस की लापरवाही पर गाज, चौकी इंचार्ज समेत 10 लाइन हाजिर
परिजनों के भारी आक्रोश और पुलिस पर लगे गंभीर आरोपों के मद्देनजर एसएसपी ने सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में आईटीआई थाना प्रभारी कुंदन रौतेला और एसआई प्रकाश बिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि पैगा पुलिस चौकी इंचार्ज समेत कुल 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इन सभी कर्मियों को तुरंत पुलिस लाइन रुद्रपुर में आमद दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही पूरे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी एसपी क्राइम निहारिका तोमर को सौंपी गई है।
क्या है पूरा मामला?
आत्महत्या से पहले किसान सुखवंत सिंह ने 4 मिनट से अधिक का फेसबुक लाइव किया था। इसमें उन्होंने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा, मेरे साथ 4 करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ है। मुझे जमीन कुछ और दिखाई गई, लेकिन दी दूसरी गई। भू-माफिया गिरोह ने मुझसे 3 करोड़ नकद और 1 करोड़ खाते में लिए।
मृतक किसान ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वह शिकायत लेकर आईटीआई थाने गए, तो उनके साथ गाली-गलौज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पुलिस को 30 लाख रुपये की रिश्वत दी है, जिस कारण उनकी सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी और बेटे ने भी परेशान होकर हाईकोर्ट में आत्महत्या कर ली थी।
सुसाइड नोट में 27 लोगों के नाम
सुखवंत सिंह द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में पुलिसकर्मियों समेत कुल 27 लोगों के नाम शामिल हैं, जिन पर उत्पीड़न और धोखाधड़ी का आरोप है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने पुलिस के उच्चाधिकारियों तक गुहार लगाई थी, लेकिन 4 महीने तक उनका उत्पीड़न होता रहा। अगर पुलिस समय रहते जाग जाती, तो सुखवंत की जान बच सकती थी।
सीबीआई जांच की मांग और प्रदर्शन स्थगित
किसान की मौत के बाद परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। हालांकि, एसएसपी की कार्रवाई के बाद फिलहाल प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया है, लेकिन परिजन और किसान नेता अभी भी मामले की सीबीआई जांच पर अड़े हैं। किसान नेता जख्तार सिंह बजावा ने कहा कि वे इस बाबत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।
मजिस्ट्रेट जांच शुरू
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी है। प्रशासनिक स्तर पर सभी संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है।
