बस्ती। रबी फसलों की बुआई और सिंचाई के बाद अब गेहूं की फसल के लिए खाद की आवश्यकता है, लेकिन बस्ती जनपद के सदर ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत साहूपार स्थित महसो सहकारी समिति पर किसानों को खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को समिति परिसर में सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
किसानों का कहना है कि वे सुबह से लाइन में लगे रहते हैं, बावजूद इसके कई बार खाद नहीं मिल पाती। कुछ किसानों को 2 से 5 घंटे तक लाइन में खड़ा रहने के बाद खाद मिलती है, जबकि कई बार खाद समाप्त हो जाने के कारण उन्हें निराश होकर घर लौटना पड़ता है। किसानों का आरोप है कि गोदाम में खाद उपलब्ध रहने के बावजूद वितरण नहीं किया जा रहा है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि खाद वितरण के दौरान प्रति बोरी 10 से 15 रुपये अतिरिक्त लिए जा रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण किया गया, फिर भी किसानों की परेशानी कम नहीं हो सकी।
वहीं, इस संबंध में सहकारी समिति के सचिव अश्वनी पांडे ने किसानों के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि जब भी गोदाम में खाद उपलब्ध रहती है, उसका वितरण किया जाता है। कई बार खाद की मात्रा सीमित होती है और किसानों की संख्या अधिक होने के कारण समस्या उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही खाद की समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
सचिव ने प्रति बोरी अतिरिक्त राशि वसूले जाने के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी भी किसान से तय मूल्य से अधिक पैसा नहीं लिया जा रहा है।
