मुंबई। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र, मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर का जल्द ही विस्तार किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिसके तहत मंदिर के बगल में स्थित एक पुरानी इमारत को खरीदा जाएगा ताकि भक्तों के लिए बेहतर सुविधाएं जुटाई जा सकें।
मंदिर का प्रबंधन देख रहे ट्रस्ट के अध्यक्ष और पूर्व विधायक सदा सरवनकर ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर के ठीक बगल में स्थित 708 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बनी तीन मंजिला ‘राम मैंसन’ इमारत को खरीदने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, ट्रस्ट की ही जमीन पर बनी सिद्धिविनायक कॉपरेटिव हाउसिंग सोसायटी से भी जमीन लेने की योजना है। दोनों प्लॉटों के मिल जाने से मंदिर के पास विस्तार के लिए करीब 1800 वर्ग मीटर की अतिरिक्त जगह उपलब्ध हो जाएगी।
सदा सरवनकर ने बताया कि जगह की कमी के कारण भक्तों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, यह देखकर बहुत बुरा लगता है जब दर्शन के लिए भक्तों को सड़क तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। मंदिर परिसर में शौचालय तक नहीं हैं, जिसके लिए लोगों को सामने स्थित पेट्रोल पंप पर निर्भर रहना पड़ता है।
इस विस्तार योजना के तहत नई जगह पर भक्तों के लिए व्यवस्थित कतारें, शिरडी की तर्ज पर एक भव्य प्रसादालय (भोजनालय), शौचालय और चेंजिंग रूम का निर्माण किया जाएगा।
मंदिर ट्रस्ट के 225 कर्मचारियों के लिए भी अभी तक रहने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इस नई जमीन पर उनके लिए एक आवासीय परिसर भी तैयार किया जाएगा।
सरवनकर ने बताया कि राम मैंसन में रहने वाले लोगों को 100 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा, ताकि प्लॉट का अधिग्रहण किया जा सके। इस योजना को राज्य के कानून मंत्रालय से भी मंजूरी मिल गई है।
बता दें कि 1801 में बना सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां आम लोगों से लेकर बड़ी-बड़ी हस्तियां भी दर्शन के लिए आती हैं। इस विस्तार योजना से मंदिर के स्वरूप में बड़ा बदलाव आने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में इजाफा होने की उम्मीद है।
