•प्रदेश सरकार जवानों की सुविधाओं और संसाधनों के विस्तार के लिए संकल्पित : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश प्रादेशिक आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (यूपी पीएसी) के 78वें संस्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों एवं पीएसी के जवानों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पीएसी बल का इतिहास अनुशासन, साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा से परिपूर्ण रहा है। कठिन प्रशिक्षण, व्यावसायिक दक्षता और उच्च अनुशासन ही पीएसी की असली पहचान है। प्रदेश सरकार पीएसी के जवानों के सम्मान, सुविधाओं और संसाधनों में निरंतर वृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री आज यूपी पीएसी के संस्थापना दिवस समारोह-2025 का शुभारम्भ करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सर्वश्रेष्ठ वाहिनी, सर्वश्रेष्ठ बाढ़ राहत दल, उत्कृष्ट खिलाड़ी, बेस्ट पुलिस मॉडर्न स्कूल और मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया तथा पीएसी द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। मुख्यमंत्री को पीएसी जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा, शांति, समृद्धि और आत्मविश्वास का वातावरण स्थापित होने का सबसे बड़ा कारण कानून का राज है। कानून का राज ही सुशासन की गारंटी देता है। सुशासन में निवेश सुरक्षित होता है और सुरक्षित निवेश से युवाओं के सपनों को साकार करने का मार्ग प्रशस्त होता है। नए उत्तर प्रदेश के विकास की मजबूत नींव यहीं से रखी जाती है।
उन्होंने कहा कि पीएसी के अधिकारी और कर्मचारी न केवल प्रदेश बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, पर्व-त्योहारों की सुरक्षा, वीवीआईपी ड्यूटी और लोकतंत्र के महापर्व चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में पीएसी हमेशा अग्रिम मोर्चे पर रही है। यातायात पुलिस, प्रतिसार निरीक्षक, प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षक, आरटीसी प्रभारी के साथ-साथ एटीएस और एसटीएफ के कमांडो के रूप में भी पीएसी के जवान निरंतर सेवाएं दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पीएसी के शौर्यपूर्ण इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए आतंकी हमले के दौरान संसद सुरक्षा में तैनात पीएसी की 30वीं वाहिनी, गोंडा के जवानों ने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए सभी आतंकवादियों को मार गिराया।
इसी प्रकार जुलाई 2005 में श्रीराम जन्मभूमि परिसर पर हुए आतंकी हमले के समय सीआरपीएफ, पीएसी और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने मोर्चा संभालते हुए आतंकियों का सफाया किया। प्रदेश सरकार ने पीएसी की 46 कंपनियों को पुनर्जीवित कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार पीएसी के जवानों की संख्या, क्षमता, प्रशिक्षण और तकनीकी सशक्तिकरण पर लगातार काम कर रही है। बल को अत्याधुनिक हथियारों और दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस किया गया है। प्रशिक्षण प्रणाली को अपडेट करते हुए सेवाकाल के दौरान ए, बी और सी कोर्स अनिवार्य रूप से कराए जा रहे हैं। वर्तमान में पीएसी में युवाओं की संख्या सर्वाधिक है। अब तक 41,893 आरक्षियों और 698 प्लाटून कमांडरों की भर्ती की जा चुकी है, जबकि हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है, जिससे पुलिस बल की क्षमता और अधिक बढ़ेगी।
उन्होंने बताया कि सेवा के दौरान शहीद हुए पीएसी जवानों के आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। साथ ही पदोन्नति के अवसर बढ़ाने के लिए सशस्त्र पुलिस में हजारों नए पद सृजित किए गए हैं और बड़ी संख्या में विभागीय पदोन्नतियां की गई हैं। पुलिस कल्याण योजना के तहत प्रदेश में 31 पुलिस मॉडर्न स्कूल संचालित हैं और पहली बार ‘बेस्ट परफॉर्मेंस पुलिस मॉडर्न स्कूल’ का चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएसी जवानों के लिए आवासीय सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है। 33 में से 31 वाहिनियों में बहुमंजिला बैरकों का निर्माण कराया जा रहा है, जिनमें से अधिकांश में कार्य पूर्ण हो चुका है। महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए पुलिस भर्ती में न्यूनतम 20 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। प्रदेश में पहली बार पीएसी की महिला बटालियनों का गठन किया जा रहा है, जिनके निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आपदा प्रबंधन के लिए एसडीआरएफ की टीमें लगातार प्रदेश में सेवाएं दे रही हैं। खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए पुलिस बल में कुशल खिलाड़ियों की भर्ती की जा रही है और खेल बजट में ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। इसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप प्रदेश पुलिस के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में पदक अर्जित किए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पूरी दृढ़ता से लागू है। पिछले आठ वर्षों में दो लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है। पुलिस प्रशिक्षण, हाईराइज भवन, कमिश्नरेट प्रणाली, साइबर थाना, साइबर सेल और फॉरेंसिक साइंस इकोसिस्टम ने उत्तर प्रदेश पुलिस को आधुनिक पुलिसिंग की पहचान दी है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मलखम्भ, जिम्नास्टिक, वेपन्स ड्रिल, पीटी डिस्प्ले और बैंड प्रदर्शन का अवलोकन किया। पीएसी बैंड द्वारा ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति को उन्होंने राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करने वाली सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि पीएसी का गार्ड ऑफ ऑनर अनुशासन, समर्पण और उच्च पेशेवर दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद, एडीजी पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
