लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य की स्थापना की ऐतिहासिक स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने तथा प्रदेश की सांस्कृतिक, सामाजिक और विकासात्मक उपलब्धियों को देश-विदेश तक पहुँचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा नई दिल्ली स्थित दिल्ली हाट में शनिवार को “विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश” थीम पर उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, पर्यटन, कला, परंपराओं और सामाजिक योगदान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस का आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन संभावनाओं और वैश्विक पहचान को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 से प्रदेश में नियमित रूप से उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जा रहा है और 24 जनवरी प्रदेश के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से 2026 के बीच उत्तर प्रदेश ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह अपार संभावनाओं से भरपूर प्रदेश है। काशी, अयोध्या और प्रयाग जैसे आध्यात्मिक केंद्रों के साथ-साथ कुंभ और माघ मेले जैसे विश्वविख्यात आयोजनों ने प्रदेश को वैश्विक पहचान दिलाई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते लगभग नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था के कारण विकास की गति तेज हुई है। आज उत्तर प्रदेश किसी बीमारू राज्य की श्रेणी में नहीं, बल्कि तेज़ी से विकास पथ पर अग्रसर राज्य है और विकसित भारत के निर्माण में उसकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
कार्यक्रम में श्रीलंका, मॉरीशस, कनाडा, रूस और सिंगापुर सहित विभिन्न देशों के राजदूतों तथा अनेक विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर पर्यटन महानिदेशक वेदपति मिश्रा द्वारा स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया गया। अतिथियों का सम्मान किया गया और कुंभ पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी हुआ।
इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर में निवास कर रहे उत्तर प्रदेश के विशिष्ट व्यक्तियों को पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति पर आधारित राधा-कृष्ण थीम पर प्रस्तुत सांस्कृतिक नृत्य रहे।
