•पूर्व विधायक स्वर्गीय इन्द्रभद्र सिंह की मूर्ति विवाद से जुड़ा बहुचर्चित मामला।
•सुलतानपुर के डीएम व पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता समेत अन्य को हलफनामा दाखिल करने का आदेश
•भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री विनोद सिंह के मामला उठाने के बाद चल रहे लेटर-वार के बीच हाईकोर्ट पहुँच गया मामला
सुल्तानपुर। पूर्व विधायक स्वर्गीय इंद्रभद्र सिंह की मूर्ति हटाने का विवाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने मामले में दायर जनहित याचिका पर बड़ा हस्तक्षेप करते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने मामले में सरकार पक्ष एवं जिलाधिकारी व पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने हलफनामा दाखिल करने के पूर्व मूर्ति से संबंधित जमीन सरकारी है या नहीं,इस बिंदु पर जांच करने का भी निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने सरकारी भूमि में मूर्ति स्थापित मिलने पर उसे हटाए जाने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए,इन सब बिंदुओं पर उचित निर्देश देते हुए हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई के लिए 29 अक्टूबर की तिथि तय की गई है।
सुल्तानपुर के रहने वाले अधिवक्ता अमित कुमार वर्मा ने धनपतगंज थाने में हलियापुर- कूरेभार मार्ग के किनारे एवं जिला न्यायालय के निकट स्थित चौराहे के पास स्थापित पूर्व विधायक स्वर्गीय इंद्रभद्र की मूर्ति हटाने की मांग को लेकर जनहित याचिका दाखिल की है। मामले में बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान विपक्षी की तरफ से पेश अधिवक्ता ने जनहित याचिका को राजनीति से प्रेरित बताकर बिल्कुल निराधार होने का तर्क प्रस्तुत करते हुए आपत्ति जताई।
विपक्षी के वकील के तर्कों को सुनने के पश्चात हाईकोर्ट ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए बड़ा हस्तक्षेप किया है। हाईकोर्ट ने याची अमित वर्मा को उनके दायित्वो से मुक्त कर दिया है और मामले में स्वतः संज्ञान लेकर कार्यवाही को आगे बढ़ाने का आदेश देते हुए राज्य सरकार पक्ष की तरफ से विपक्षी बने प्रधान सचिव गृह विभाग-लखनऊ, प्रधान सचिव पीडब्ल्यूडी-लखनऊ, जिलाधिकारी सुल्तानपुर व पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियंता,पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू के अधिवक्ता को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने मामले में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि सरकारी या सार्वजनिक जमीन है तो मूर्ति कैसे स्थापित की गई,इसका भी जवाब मांगा है। अदालत ने जिम्मेदार अफसरों को हलफनामा दाखिल करने के पहले स्थापित मूर्ति सरकारी जमीन में है या किसी अन्य जमीन में, इसकी जांच करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने सरकारी जमीन में मूर्ति स्थापित पाए जाने पर उसे हटाने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए,इसके सम्बन्ध में भी जवाब दाखिल करने का आदेश जारी किया है।
हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट से जारी पूर्व आदेशो का हवाला देते हुए जिम्मेदार अफसरों को कड़ा आदेश जारी करते हुए जवाब-तलब किया है। हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को अगली सुनवाई के लिए यह मामला सूचीबद्ध किया है। हाईकोर्ट के इस आदेश से जिम्मेदार अफसरों के जरिये मामले में जल्द ही प्रभावी कदम उठाने की उम्मीद जताई जा रही है,अन्यथा जिम्मेदार अफसरों की मुश्किलें बढ़ना भी लगभग तय माना जा रहा है।
