लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के अगस्त माह में प्रदेश सरकार की मुख्य कर और करेत्तर राजस्व वाली मदों में कुल 16,575.70 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के अगस्त माह की 15,969.65 करोड़ रुपए की प्राप्ति से 606.05 करोड़ रुपए अधिक है।
वित्त मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के अगस्त माह तक मुख्य कर राजस्व में कुल 89,427.87 करोड़ रुपए की प्राप्ति हुई है, जो इस वर्ष के निर्धारित लक्ष्य का 74.8 प्रतिशत है। कर राजस्व में जीएसटी मद के अंतर्गत अगस्त माह में 6,611.59 करोड़ रुपए की प्राप्ति हुई, जबकि पिछले वर्ष अगस्त में यह 6,228.82 करोड़ रुपए थी। वैट मद के अंतर्गत अगस्त माह में 2,659.95 करोड़ रुपए की प्राप्ति हुई, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग समान है। इस प्रकार राज्य कर के अंतर्गत अगस्त माह में कुल 9,271.54 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की 8,888.29 करोड़ रुपए से 383.25 करोड़ रुपए अधिक है।
आबकारी मद के अंतर्गत अगस्त माह में 3,754.43 करोड़ रुपए, स्टाम्प तथा निबंधन मद में 2,538.00 करोड़ रुपए और परिवहन मद में 786.87 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति हुई। करेत्तर राजस्व की प्रमुख मद भू-तत्व तथा खनिकर्म से 224.86 करोड़ रुपए की प्राप्ति हुई।
वित्त मंत्री ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के अगस्त माह तक प्रमुख मदों में कुल राजस्व प्राप्ति का विवरण देते हुए बताया कि जीएसटी मद से 34,358.64 करोड़ रुपए, वैट से 12,536.21 करोड़ रुपए, आबकारी से 22,337.62 करोड़ रुपए, स्टाम्प एवं निबंधन से 14,003.63 करोड़ रुपए और परिवहन से 4,561.58 करोड़ रुपए की प्राप्ति हुई है।
श्री खन्ना ने कहा कि जीएसटी दरों में हाल ही में किए गए बदलाव आम आदमी और छोटे व्यापारियों के हित में हैं। छोटे व्यापारियों को तीन दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन देने की व्यवस्था को बड़ी राहत बताया गया है। उन्होंने कहा कि कर दर में कमी से वस्तुओं और सेवाओं का वॉल्यूम बढ़ता है, मांग बढ़ती है और अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि इनकम टैक्स में राहत और जीएसटी में कमी से आम आदमी और व्यापारी दोनों प्रसन्न हैं और इस व्यवस्था को व्यापक सराहना मिली है।
