मेरठ। एक किसान ने मंगलवार को SDM सदर कोर्ट के बाहर जमकर हंगामा किया। किसान SDM दीक्षा जोशी के पैरों पर गिर पड़ा। जमीन पर बैठकर रोने लगा। SDM ने उसे पानी पिलाया, फिर भी वह शांत नहीं हुआ।
काफी समझाने के बाद किसान ने कहा, लेखपाल ने जमीन बंटवारे के मामले में गलत रिपोर्ट लगा दी है। उसने विपक्षी को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया। अगर इंसाफ नहीं मिला तो मेरा अगला पता श्मशान होगा। मैं जान दे दूंगा।
दीक्षा जोशी जुलाई 2025 से SDM सदर हैं। वह 2022 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और इससे पहले सरधना तहसील में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर थीं। SDM ने किसान को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
थाना सरूरपुर के गांव कालीना के रहने वाले किसान राजीव से लेखपाल ने 10 हजार रिश्वत मांगी थी। राजीव के पिता रविंद्र सिंह का सत्येंद्र सिंह से विवाद चल रहा था।
साल 2020 में मेरे पिता ने वाद दायर किया गया था। तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संदीप भागिया ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया था। लेकिन दूसरे पक्ष ने अपील करके उस फैसले को निरस्त करा दिया था।
अब मामला एसडीएम सदर डॉ दीक्षा जोशी की कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने संबंधित लेखपाल सुरेंद्र कुमार को जमीन की रिपोर्ट पेश करनी थी। लेखपाल ने आज रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने लेखपाल द्वारा दाखिल रिपोर्ट को सही और नियमानुसार पाया।
लेखपाल ने 10 हजार की मांगी थी रिश्वत किसान राजीव ने बताया- इस मामले में लेखपाल ने 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से भी शिकायत की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब आज लेखपाल ने कोर्ट में रिपोर्ट सब्मिट की गई तो मैंने हंगामा करना शुरू कर दिया। मैं कोर्ट के बाहर ही धरने पर बैठ गया।
एसडीएम सदर डॉ दीक्षा जोशी ने पानी पिलाया जब एसडीएम सदर डॉ दीक्षा जोशी मुझे समझाने आईं, तो मैने उनके पैर पकड़ लिए। दीक्षा जोशी ने मुझको पानी पिलाया और मेरी समस्या सुनी। मैं न्याय की मांग पर अड़ा रहा। इसके बाद एडीएम सिटी बृजेश सिंह मौके पर पहुंचे और किसान को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद उन्होंने मुझे इंसाफ दिलवाने का आश्वासन दिया है।
मेरा अगला पता अब श्मशान घाट होगा एडीएम सिटी बृजेश सिंह से बात करते हुए किसान ने कहा- मुझे प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय नहीं मिल रहा है, इसलिए मेरा अगला पता अब श्मशान घाट होगा। कई घंटे तक चले इस हंगामे के बाद किसान ने अपनी पीड़ा एडीएम एफआर सूर्यकान्त त्रिपाठी को बताई।
एसडीएम सदर दीक्षा जोशी ने बताया–
किसान तुरंत ही फैसले की जिद पर अड़ गया था। उसे समझाया गया है कि कोर्ट में दोनों को अपना अपना पक्ष रखने का समय दिया जाएगा। इसके बाद ही कोई फैसला होगा।
