राकेश कुमार की रिपोर्ट।
कानपुर। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग द्वारा संचालित त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम योजना के अंतर्गत बुधवार हरकोर्ट बटलर तकनीकी विश्वविद्यालय, जनपद कानपुर में मक्के पर आधारित राज्य स्तरीय कार्यशाला में माननीय कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही जी द्वारा मुख्य अतिथि के रूप सम्मिलित होकर उपस्थित अन्नदाता कृषक बंधुओं, विभागीय अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों को सम्बोधित किया।
मक्का के अन्तर्गत क्षेत्रफल के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश का देश में चौथा स्थान है। मक्का का उपयोग मुख्य रूप से पोल्ट्रीफीड, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, एनीमल फीड, स्टार्च, एथेनाल उत्पादन आदि के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में बढ़ते धार्मिक पर्यटन और औद्योगिकीकरण के कारण होटल उद्योग में स्वीटकार्न और बेबीकार्न जैसे उत्पादों की मांग बढ़ रही है। प्रदेश में मक्का का उत्पादन खरीफ, रबी एवं जायद तीनों सीजन में होता है, परन्तु मक्का के लिए खरीफ मुख्य सीजन है।
वर्तमान में प्रदेश में मक्का अन्तर्गत क्षेत्रफल 10.85 लाख हेक्टेयर, उत्पादन 30.55 लाख मी० टन तथा औसत उत्पादकता 28.15 कुन्टल प्रति हेक्टेयर है। प्रदेश में रबी एवं जायद सीजन में मक्का अन्तर्गत आच्छादन, उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि किये जाने की पर्याप्त संभावनायें हैं।
प्रदेश का मुख्य फसल चक्र धान- गेहूं होने के कारण प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन, मृदा स्वास्थ्य खराब होने, खेती की लागत बढने और किसानों को कम लाभ प्राप्त होने की समस्यायें आ रही हैं। मक्का ऐसी फसल है जिसको बढ़ावा देकर इन समस्याओं का काफी हद तक समाधान पाया जा सकता है। वर्तमान में मक्का की खेती के प्रोत्साहन हेतु भारत सरकार के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के कोर्स सीरियल घटक अन्तर्गत मक्का फसल हेतु मात्र 13 जनपद चयनित हैं। त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम एक राज्यपोषित योजना है।
उक्त योजना चार वर्षों के लिए संचालित है। योजना का कुल परिव्यय 14656.45 करोड़ है। योजना 2024-25 से 2027-28 तक सम्पूर्ण 75 जनपदों में संचालित होगी। वर्ष 2025-26 में योजना में 27.37 करोड का व्यय किया जायेगा। उन्नत तकनीकी प्रदर्शन मद के अन्तर्गत देसी मक्का पर रू0 3000 प्रति एकड़ अनुदान, संकर मक्का प्रदर्शन हेतु अनुदान रू0 4600 प्रति एकड़ अनुदान, पॉपकॉर्न मक्का प्रदर्शन हेतु अनुदान रू0 4600 प्रति एकड़, बेबी कॉर्न मक्का प्रदर्शन हेतु अनुदान रू0 16000 प्रति एकड़ एवं स्वीट कॉर्न मक्का प्रदर्शन हेतु अनुदान रू० 20,000 प्रति एकड़ देय है। सामान्य संकर बीज वितरण पर रू0 15000 प्रति कुन्टल पर अनुदान देय है। मेज शेलर यंत्र पर अनुदान मूल्य का 50 प्रतिशत या रू0 40000 जो भी कम हो अनुदान देय है। बैच ड्रायर पर मूल्य का 80 प्रतिशत या रू0 15,00,000 जो भी कम हो (सक्रिय एफ.पी.ओ. को) अनुदान देय है ।
पॉपिंग मशीन पर मूल्य का 50 प्रतिशत या रू0 10,000 जो भी कम हो अनुदान देय होगा। योजना में कृषकों को मक्का की खेती के लिए प्रोत्साहित किये जाने हेतु गोष्ठियों, मेले कार्यशाला तथा प्रदेश के अन्दर एवं बाहर भ्रमण कराया जाता है।
इस दौरान माननीय विधायक श्रीमती सरोज कुरील जी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती स्वप्निल वरुण जी, प्रमुख सचिव कृषि श्री रविंद्र जी, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती दीक्षा जैन जी, निदेशक कृषि श्री पंकज त्रिपाठी जी, उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के निदेशक श्री पीयूष शर्मा जी, उत्तर प्रदेश बीज प्रमाणीकरण के निदेशक श्री टीपी चौधरी जी, संयुक्त निदेशक ब्यूरो श्री अखिलेश कुमार सिंह जी उपस्थित रहे।
