•सरकार के खिलाफ नारेबाजी, 5 घंटे बाद धरना खत्म, एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपकर सभी छात्र वापस।
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर छात्र महापंचायत का आयोजन कल शुक्रवार को किया गया है। इसमें पुराने छात्रसंघ पदाधिकारियों के अलावा विभिन्न दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। पांच घंटे तक चले धरना प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंप कर धरना समाप्त कर दिया गया।
आंदोलनरत छात्रों ने कहा कि सरकार छात्रसंघ को बंद करके युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। छात्रों को उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास है। समस्याओं से जूझ रहे छात्रों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। तानाशाही की पराकाष्ठा पार करते हुए छात्रसंघ पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा छात्रों की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की गई।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली और अन्य छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर शुक्रवार सुबह से छात्रों की महापंचायत चली। छात्र 5 घंटे से लगातार यूनिवर्सिटी के गेट पर धरने पर बैठे रहे। इसमें छात्र संगठन, विभिन्न छात्र नेता और पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारी अवनीश यादव भी पहुंचे थे। छात्र महापंचायत को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात थी।
आंदोलन के प्रमुख आदर्श भदौरिया ने बताया कि प्रदेश भर में छात्रसंघ चुनाव शुरू कराने की लड़ाई को गति देने के लिए यह महापंचायत एक महत्वपूर्ण कदम है। छात्रों की छात्र संघ बहाल हो, फीस वृद्धि वापस हो, परिसर में लोकतंत्र बहाल हो जैसी कई मांगे हैं।
पिछले कई वर्षों से इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे हैं। इसको लेकर छात्र संगठन लगातार नाराज हैं और अब एकजुट होकर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। छात्रसंघ चुनाव बहाली के साथ-साथ बढ़ी हुई फीस का मुद्दा भी इस महापंचायत में प्रमुख रहा।
