बस्ती। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर मेधा पार्टी का अनिश्चितकालीन धरना 12वें दिन भी जारी रहा। गांधी कला भवन स्थित बापू प्रतिमा के निकट युवा प्रदेश अध्यक्ष रूद्र आदर्श पाण्डेय के नेतृत्व में चल रहे इस धरने में कार्यकर्ताओं ने सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग दोहराई।
मेधा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीन दयाल त्रिपाठी ने कहा कि यूजीसी का नया नियम उच्च शिक्षा परिसरों में भेदभाव की स्थिति उत्पन्न करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी लाभ के लिए छात्रों को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक यह निर्णय वापस नहीं लिया जाता, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
धरने पर बैठे युवा प्रदेश अध्यक्ष रूद्र आदर्श पाण्डेय ने कहा कि समानता के नाम पर लाया गया यह नियम छात्रों के बीच विभाजन की रेखा खींचने वाला है। उन्होंने सरकार से तत्काल प्रभाव से इसे निरस्त करने की मांग की। साथ ही उन्होंने विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रबुद्धजनों एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं द्वारा मिल रहे समर्थन के लिए आभार जताया और कहा कि लगातार मिल रहे जनसमर्थन से आंदोलन को और मजबूती मिल रही है।
धरने के 12वें दिन अभयदेव शुक्ल, रवि शुक्ला, वैभव शुक्ला, संतोष प्रधान, वृजेश द्विवेदी, रामरीका पाण्डेय, चन्द्रेश प्रताप सिंह, प्रभात मिश्र, विपिन तिवारी, स्वदेश तिवारी, राजकुमार मिश्र, कैलाश शर्मा, राजन सिंह, अंशू जायसवाल, गौरव पाण्डेय, अंकित त्रिपाठी, विवेक मिश्र, पवन मिश्र, शेषनाथ पाण्डेय, विपुल पाण्डेय एवं सर्वेश कुमार शुक्ल सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
