•आर्य समाज नई बाजार में बसन्त पंचमी, नेताजी जयंती व वीर हकीकत राय बलिदान दिवस पर गरिमामय आयोजन
•छात्रों ने सीखा साहस, धर्मनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम का पाठ।
बस्ती। आर्य समाज नई बाजार बस्ती में बसन्त पंचमी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती एवं वीर हकीकत राय बलिदान दिवस के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ओम प्रकाश आर्य द्वारा वैदिक यज्ञ से हुआ। यज्ञ के माध्यम से राष्ट्र, समाज एवं युवा पीढ़ी के चरित्र निर्माण का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर ओम प्रकाश आर्य ने बसन्त पंचमी पर्व के महत्व को बताते हुए वीर हकीकत राय के बलिदान, धर्मनिष्ठा एवं साहस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे महापुरुषों का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए पथप्रदर्शक है।

उन्होंने बताया कि वीर हकीकत राय का जन्म 1719 में सियालकोट में लाला बागमल पुरी के यहाँ हुआ था । इनकी माता का नाम गौरा था। बागमल पुरी ने अपने पुत्र को फ़ारसी सिखने के लिये मौलवी के पास उसके मदरसे में पढ़ने के लिये भेजा। वहां हकीकत राय का अपने मुसलमान सहपाठियों के साथ इस बात पर झगड़ा हो गया कि उन्होंने माता दुर्गा के प्रति अपशब्द कहे, जिसका हकीकत ने विरोध करते हुए कहा,”क्या यह आप को अच्छा लगेगा यदि यही शब्द मै आपकी बीबी फातिमा के सम्बन्ध में कहूं । इसलिये आप को भी अन्य के प्रति ऐसे शब्द नही कहने चाहिये।”
इस पर मुस्लिम बच्चों ने शोर मचा दिया की इसने बीबी फातिमा को गालियां निकाल कर इस्लाम और मोहम्मद का अपमान किया है। साथ ही उन्होंने हकीकत को मारना पीटना शुरू कर दिया। मदरसे के मौलवी ने भी मुस्लिम बच्चों का ही पक्ष लिया। शीघ्र ही यह बात सारे स्यालकोट में फैल गई।
बात इतनी आगे बढ़ गई कि अंततः उनसे मौत या इस्लाम में किसी एक को चुनने को कहा गया पर इस आदेश पर उन्होंने मौत को चुना पर धर्म छोड़ना स्वीकार नहीं किया। इसके बाद भरे चौराहे पर उन्हें पत्थर मार मार कर मरणासन्न कर दिया गया जो वहां पर उपस्थित जल्लाद सहन नहीं कर सका और उनकी गर्दन काट दी।
प्रधानाध्यापक आदित्यनारायण गिरि ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के राष्ट्रवादी विचारों, त्याग और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अद्वितीय योगदान पर प्रामाणिक एवं प्रेरणादायक व्याख्यान प्रस्तुत किया।
योगाचार्य गरुण ध्वज पाण्डेय ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना एवं नैतिक मूल्यों का विकास करना है। अंत में आयोजकों द्वारा सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों के अलावा अनूप कुमार त्रिपाठी, नितेश कुमार, दिनेश मौर्य, अरविन्द श्रीवास्तव, स्वप्नल, ज्योति सोनी, शिवांगी गुप्ता, अंशिका पाण्डेय आदि शिक्षक उपस्थित रहे।
