लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में दुग्ध सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने तथा निवेशकों के साथ संवाद स्थापित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य है और राज्य सरकार निवेशकों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर उन्हें दुग्ध उद्योग में निवेश के लिए प्रेरित कर रही है।
मंत्री धर्मपाल सिंह सोमवार को होटल ताज में आयोजित “उत्तर प्रदेश डेयरी उद्योग विकास एवं संभावनाएं” विषयक निवेशक कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर 60 उद्यमियों और निवेशकों ने प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दुग्ध क्षेत्र के समग्र विकास, किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन के लिए सर्वसमावेशी नीति लागू की है।
धर्मपाल सिंह ने नई दुग्ध क्षेत्र विकास एवं दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2022 का उल्लेख करते हुए बताया कि इस नीति के तहत दुग्ध प्रसंस्करण प्लांट या विस्तार हेतु परियोजना व्यय का 35 प्रतिशत (अधिकतम 5 करोड़ रुपये) तक अनुदान तथा पशु हाउसिंग परियोजना के विस्तार हेतु 2 करोड़ रुपये तक अनुदान का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि नई नीति के तहत प्रदेश में अब तक 24 परियोजनाओं के माध्यम से 355 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे उत्पादन क्षमता और रोजगार सृजन में वृद्धि हुई है।मंत्री ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन 1062 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जिसमें से 531 लाख लीटर का संग्रहण और 98 लाख लीटर का प्रसंस्करण किया जाता है। प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण स्तर वर्तमान में 19 प्रतिशत है, जिसे 2027-28 तक 25 प्रतिशत तक बढ़ाना लक्ष्य है।
धर्मपाल सिंह ने जीएसटी में किए गए सुधारों की जानकारी देते हुए बताया कि यूएचटी मिल्क और पैक्ड छेना/पनीर को टैक्स-फ्री किया गया है। मक्खन, घी, चीज और डेयरी स्प्रेड्स पर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, वहीं चॉकलेट और आइसक्रीम पर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
कार्यशाला में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, आनन्दा डेयरी, महान मिल्क फूड, मधुसूदन मिल्क, अमूल डेयरी, जायडस वेलनेस डेयरी, ज्ञान डेयरी, भारत स्कायर समेत कुल 60 निवेशकों ने भाग लिया और अपनी निवेश योजनाओं एवं राज्य सरकार से अपेक्षाओं पर चर्चा की।
प्रमुख सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास अमित कुमार घोष ने निवेशकों को प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, नीतिगत सुधार और लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी। दुग्ध आयुक्त राकेश कुमार मिश्र, विशेष सचिव देवेन्द्र पांडेय और अन्य अधिकारी भी कार्यशाला में उपस्थित रहे।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने निवेशकों से कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं, नीति सुधार और कर संरचनाएं उत्तर प्रदेश के दुग्ध सेक्टर को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाएंगी और प्रदेश को 2047 तक दुग्ध उत्पादन, प्रोसेसिंग, मूल्य संवर्धन और प्रबंधन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाएंगी।
