•सनातन धर्म के तत्वावधान में भारत जल्द ही हिंदू राष्ट्र बनेगा, अखंड भारत की परिकल्पना हिंदू राष्ट्र की है सोच।
के के मिश्रा संवाददाता।
संत कबीर नगर। देवरहा बाबा स्थान बनकटवा स्थित सनातन धर्म हिंदू रक्षा वाहिनी के परमाध्यक्ष श्री जगद्गुरु रामानुजाचार्य जी ने आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सनातन धर्म की रक्षा, धार्मिक परंपराओं के संरक्षण तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के तत्वावधान में भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की परिकल्पना अखंड भारत की सोच से जुड़ी हुई है।
परमाध्यक्ष ने देवरहा बाबा जी को समर्पित अष्टधातु की मूर्तियों व सिंहासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा मात्र दो सिपाहियों के भरोसे डंडे के बल पर छोड़ी गई है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सनातन धर्म की परंपराओं और धार्मिक मूल्यों की रक्षा में निरंतर अवरोध उत्पन्न किए जा रहे हैं। जो तत्व सनातन धर्म की रक्षा में बाधा बन रहे हैं, उनके विरुद्ध प्रशासन को सख्त एवं त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। देवरहा बाबा जी के परमभक्तों को उलाहना देना तथा उनकी आस्था पर प्रश्न उठाना निंदनीय है और किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान श्री जगद्गुरु रामानुजाचार्य जी ने सनातन धर्म की पुनः प्रतिष्ठा (परिस्थापना) को समय की आवश्यकता बताया और इसके लिए समाज व सरकार दोनों से मिलकर ठोस प्रयास करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने स्वयं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताते हुए प्रशासन से समुचित सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की।
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया, तो सनातन धर्म हिंदू रक्षा वाहिनी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को विवश होगी।
उन्होंने युवाओं और समस्त सनातनियों से एकजुट होकर धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया, ताकि आने वाले समय में भारत हिंदू राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर उभरकर नेतृत्वकारी भूमिका निभा सके।
