सुल्तानपुर। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत गांवों में जल संरक्षण को लेकर शुरू की गई अमृत सरोवर योजना की जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बल्दीराय विकास खंड की ग्राम पंचायत बरसांवां में स्थित शीतल बाबा अमृत सरोवर के निर्माण को लेकर लगाए गए सूचना बोर्ड ने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं।
अमृत सरोवर का निर्माण कार्य 5 अक्टूबर 2022 को शुरू हुआ था, जिसकी कुल लागत करीब 28.96 लाख खर्च हुए हैं। इसमें श्रमांश मद में 18.46 लाख रुपये और सामग्री मद में 10.49 लाख रुपये खर्च होना बताया गया है। हालांकि मौके पर पहुंचने पर हालात इससे बिल्कुल उलट नजर आते हैं।
गांव निवासी सुल्तान बेग ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि तालाब में न तो पर्याप्त खुदाई कराई गई और न ही जल संरक्षण के मानकों का पालन किया गया।
उनका कहना है कि कागजों में लाखों रुपये का कार्य दर्शा दिया गया। जबकि धरातल पर अमृत सरोवर की स्थिति बेहद निराशाजनक है। तालाब न तो पूरी तरह विकसित है और न ही उसमें पानी ठहरने की समुचित व्यवस्था है।
शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
