लखनऊ। गोमतीनगर थाना क्षेत्र में मिली एक अज्ञात महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने त्वरित खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 1 दिसंबर को सामने आई थी, जब अलीगंज निवासी राकेश कुमार ने अपनी बहन रेखा वर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जानकारी पुलिस को दी। तहरीर के आधार पर थाना गोमतीनगर में बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ और विवेचना उपनिरीक्षक विनोद कुमार सिंह को सौंपी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी जोन के उच्चाधिकारियों ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम को साक्ष्य एकत्र करने के लिए भेजा। पुलिस ने घटनास्थल और आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों के बारे में महत्वपूर्ण इनपुट जुटाए। क्राइम/सर्विलांस टीम और गोमतीनगर पुलिस की संयुक्त जांच के बाद घटना में शामिल दोनों आरोपियों—देवेन्द्र सिंह और सूरज पाल—की शिनाख्त हुई, जिन्हें 3 दिसंबर की सुबह विनीत खंड स्थित सब्जी मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में देवेन्द्र ने बताया कि 30 नवंबर की रात वह अपने ई-रिक्शा से नवाबपुरवा स्थित शराब की दुकान पर गया था, जहां एक महिला ने उसे रोककर लिफ्ट मांगी। रास्ते में बातचीत के दौरान दोनों आरोपियों ने उससे शराब पीने और शारीरिक संबंध बनाए जाने की बात कही। शराब पिलाने के बाद दोनों उसे विशाल खंड स्थित झोपड़ी में ले गए, जहां नशे में विवाद होने पर उन्होंने गुस्से में उसे धक्का दे दिया। महिला का सिर पीछे रखे तख्ते से टकराया और वह बेहोश होकर गिर गई। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई, जिसके बाद दोनों ने देर रात तीन बजे शव को ई-रिक्शा में डालकर विशाल खंड के पास एक सूनसान गली में छोड़ दिया, ताकि लगे कि वह नशे की हालत में पड़ी है।
पुलिस ने मौके से मृतका की चप्पल, आधार कार्ड की छाया प्रति और घटना में प्रयुक्त दोनों ई-रिक्शे बरामद कर लिए हैं। मृतका की पहचान 37 वर्षीय रेखा वर्मा के रूप में हुई, जो फत्तेहपुर सेक्टर बी, अलीगंज की रहने वाली थी। दोनों अभियुक्तों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) और 238 के तहत कार्रवाई की जा रही है, जबकि उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच चल रही है।पूर्वी जोन की क्राइम/सर्विलांस टीम और गोमतीनगर थाना पुलिस की तत्परता से न केवल हत्या का खुलासा हो गया, बल्कि आरोपियों को भी कम समय में गिरफ्तार कर लिया गया।
यह कार्रवाई पुलिस की प्रभावी पड़ताल और तकनीकी साक्ष्यों के समन्वय का परिणाम रही, जिसने मृतका के परिजनों को न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की।
