-मरीजों को बिना हाथ लगाए सीधे दर्शन नगर मेडिकल कॉलेज अथवा जिला अस्पताल कर देते हैं रेफर।
-अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने की सूचना चश्पा कर भूल गए जिम्मेदार।
-सीएमएस के संरक्षण में रेडियोलॉजिस्ट उड़ा रहा मौज।
मिल्कीपुर-अयोध्या। जिले के पिछड़ा क्षेत्र के रूप में माने जाने वाले मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र की सीमा पर स्थित 100 सैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज अब केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल में भले ही इलाज हेतु आधुनिक संयंत्र स्थापित कर अस्पताल का संचालन शुरू करा दिया गया हो, किंतु अस्पताल के जिम्मेदारों एवं चिकित्सकों की लापरवाही के चलते अब संयुक्त चिकित्सालय स्वयं बीमार हो चुका है। करीब 8 माह पूर्व अयोध्या, अमेठी और सुल्तानपुर जनपद के मरीजों के लिए वरदान बना संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज अब मरीज के लिए अभिशाप साबित हो गया है।
अस्पताल में तैनात डॉक्टर एवं सीएमएस की कारस्तानी के चलते क्षेत्रवासी मरीजों को अस्पताल में समुचित इलाज मयस्सर नहीं हो पा रहा है। अस्पताल के अभिलेखों में भले ही एक दर्जन से अधिक चिकित्सकों की तैनाती है किंतु अस्पताल में ओपीडी सेवा भी सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है।
ऐसा ही नजारा सोमवार को अस्पताल में देखने को मिला जहां मात्र एक चिकित्सक डॉक्टर गनेश लाल ओपीडी में बैठे मिले, जबकि अस्पताल की सारे ओपीडी कक्ष बंद थे। ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीजों का इलाज करने वाले डॉ अरविंद मौर्य को इमरजेंसी ड्यूटी में लगा दिया गया था। जबकि अस्पताल में तैनात अन्य समस्त चिकित्सक अस्पताल से नदारत रहे। यहां तक कि अस्पताल के सीएमएस भी मौजूद नहीं थे। सैकड़ो की संख्या में मरीज हाथों में ओपीडी पर्चा लिए डॉक्टर को दिखाने के लिए भीषण गर्मी में व्याकुल थे।
कहने को तो अस्पताल में एक दर्जन से अधिक डॉक्टर मौजूद हैं, किंतु तीन से चार डॉक्टरों के अलावा कोई भी डॉक्टर अस्पताल में नजर नहीं आता।
वहीं विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीएमएस अपने करीबी डॉक्टरों एवं अस्पताल कर्मियों को मनचाही छुट्टी दे देते हैं और उपस्थिति पंजिका में उनके उपस्थित क्रमांक में बिंदु लगवा कर रिक्त रखा जाता है। वापस लौटने पर संबंधित कर्मी अपनी उपस्थिति दर्ज कर देते हैं और उनका वेतन भी आहरित कर दिया जाता है।
अस्पताल में विभिन्न कंपनियों के जरिए काम कर रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपनी ड्यूटी न करके दलाली में मशगूल रहते हैं, जो क्षेत्रवासी मरीजों से कभी प्लास्टर के नाम पर, तो कभी इंजेक्शन के नाम पर, तो कभी एक्स-रे के नाम पर अवैध वसूली कर लेते हैं। जिसको लेकर आए दिन अस्पताल परिसर में विवाद भी होता रहता है।
शिकायतों के बाद सीएमएस संबंधित कर्मी का पटल बदलकर मामले का पटाक्षेप करने की पुरजोर कोशिश करते हैं। इन सब अव्यवस्थाओं को लेकर तेन्धा निवासी ओम प्रकाश सिंह के नेतृत्व में संयुक्त हस्ताक्षरित शिकायती प्रार्थना पत्र प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक लखनऊ को प्रेषित कार्यवाही की मांग की गई है।
